भोपाल/जबलपुर, 30 जून 2026: एक महिला डेंटल डॉक्टर की संवेदनहीन सोशल मीडिया पोस्ट ने पूरे देश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। मध्य प्रदेश की डॉ. मुस्कान सोनी, जो ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA) की मध्य प्रदेश यूनिट की कोषाध्यक्ष थीं, को विवादास्पद इंस्टाग्राम वीडियो के बाद पांच साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में डॉ. सोनी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो और स्टोरी शेयर की। केतन अग्रवाल को उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने लोहागढ़ किले से धक्का देकर मार डाला था। इस त्रासदी पर डॉ. सोनी ने टिप्पणी करते हुए कहा, “वो पुणे का जो लड़का था, उसके बाल ही नहीं थे... अगर ऐसे झूठ बोलोगे तो मरोगे ही ना। सो हैशटैग आई हेट मेन।” वीडियो में उन्होंने पीड़ित का बालों के मुद्दे का मजाक उड़ाते हुए उसे “लौंडा” बताया और अंत में “आई हेट मेन” हैशटैग लगाया। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और तुरंत भारी आलोचना का सामना करना पड़ा।
AIDSA का सख्त एक्शन
आक्रोश बढ़ने के बाद AIDSA ने तुरंत कार्रवाई की। संगठन ने डॉ. मुस्कान सोनी को AIDSA मध्य प्रदेश की कोषाध्यक्ष के पद से हटा दिया और उनकी सदस्यता भी पांच साल के लिए रद्द कर दी। संगठन ने बयान में कहा कि डॉ. सोनी का व्यवहार “अत्यधिक अनुचित, अपमानजनक और अनैतिक” था, जो संगठन के संविधान, आचार संहिता और नैतिक मूल्यों के विरुद्ध था।
माफी का वीडियो, लेकिन बचाव भी
बढ़ते दबाव के बीच डॉ. सोनी ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर एक माफी का वीडियो अपलोड किया। इसमें उन्होंने कहा, “मैं उन शब्दों के लिए बहुत-बहुत माफी चाहती हूं जो मैंने इस्तेमाल किए।” हालांकि, उन्होंने “आई हेट मेन” वाले हिस्से का बचाव करते हुए कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जिंदगी के अनुभवों से जुड़ा है।
सोशल मीडिया पर हंगामा
पोस्ट वायरल होने के बाद ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर #SuspendMuskanSoni और #JusticeForKetan जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने इसे “मर्डर का जस्टिफिकेशन” और “घृणा फैलाने वाला” बताया। कुछ ने यह भी सवाल उठाया कि एक डॉक्टर के रूप में ऐसी संवेदनहीन टिप्पणी करना पेशेवर नैतिकता के खिलाफ है।
डेंटिस्ट मुस्कान सोनी मामले की पृष्ठभूमि
केतन अग्रवाल की हत्या का मामला हाल ही में सुर्खियों में था। प्रारंभ में इसे दुर्घटना बताया गया था, लेकिन जांच में यह हत्या साबित हुई। डॉ. सोनी की पोस्ट में पीड़ित के बाल गिरने और विग पहनने की खबरों का जिक्र था, जिसे कई लोग पीड़ित का अपमान मान रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर नफरत भरी भाषा और संवेदनशील मुद्दों पर टिप्पणी करने की जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। AIDSA का यह फैसला संगठन के भीतर अनुशासन बनाए रखने का संदेश देता है, जबकि डॉ. सोनी की माफी को कई लोग “अधूरी” मान रहे हैं।
अब डॉ. सोनी का इंस्टाग्राम अकाउंट अब प्राइवेट कर दिया गया है। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हुई हैं। यह घटना साफ बताती है कि सोशल मीडिया पर एक पल की गलत टिप्पणी पूरी जिंदगी और करियर पर भारी पड़ सकती है।
ketan agrawal mamla pic.twitter.com/hm8CLwiIWU
— Adhiraj Awasthi (@AdhirajOnline) June 30, 2026

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