भोपाल, 1 जून 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी है कि राज्य में यूसीसी के कार्यान्वयन के लिए एक विशेष समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर रही है और अलग-अलग धर्मों के लोगों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त कर रही है ताकि कानून में सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा जा सके।
वैधानिक समानता और तलाक कानूनों में सुधार की आवश्यकता पर सीएम का बयान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, वर्तमान समय में धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक आधार पर भिन्न-भिन्न मतों की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य में चाहे बहनों के तलाक के मामले हों, पारिवारिक परंपराएं हों या अलग-अलग धार्मिक मामले, अब वैधानिक और सामाजिक रूप से इनमें भिन्नता की आवश्यकता नहीं है। मध्यप्रदेश अब समान नागरिक संहिता की ओर बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
एमपी यूसीसी वेबसाइट पर ऑनलाइन सुझाव साझा करने के लिए जन-भागीदारी की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से सीधा संवाद करते हुए अपील की है कि वे समान नागरिक संहिता मध्यप्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने बहुमूल्य सुझाव जरूर साझा करें। सरकार चाहती है कि इस कानून के निर्माण में जनता की सक्रिय भागीदारी हो, जिससे एक समावेशी कानूनी ढांचा तैयार किया जा सके।
उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर मध्यप्रदेश बनेगा 'यूसीसी अनुकूल राज्य'
वर्तमान में उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों ने इस कानून को अपनाया है और मुख्यमंत्री का मानना है कि मध्यप्रदेश उन अनुकूल राज्यों में से एक है जहाँ यूसीसी अनिवार्य रूप से लागू होना चाहिए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में विद्वानों की एक समिति रिपोर्ट का संकलन कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार निरंतर जन-कल्याणकारी कार्यों और कानूनी सुधारों को आगे बढ़ा रही है और रिपोर्ट मिलते ही इसे जल्द लागू किया जाएगा।
CM Mohan Yadav Announces MP UCC, Uniform Civil Code to Be Implemented Soon in Madhya Pradesh
HIGHLIGHTS
- मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यूसीसी पर आधिकारिक बयान।
- मध्यप्रदेश यूसीसी समिति और जिलों से प्राप्त सुझाव।
- तलाक और पारिवारिक परंपराओं में वैधानिक समानता।
- उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद मध्यप्रदेश में यूसीसी।

