BHOPAL के मौसम की समीक्षा - तालाब ने बचा लिया नहीं तो उमस से मर गए होते

Updesh Awasthee
भोपाल, 28 जून 2026:
20 साल पहले तक भोपाल के मौसम में ठंडक हुआ करती थी अब उमस होती है। इस साल तो हालत बहुत खराब होने वाली थी लेकिन ऐसी धांसू प्री मानसून एक्टिविटी हुई है जिसके कारण कुछ समय के लिए ही सही लेकिन उमस से राहत मिली। यह सब कुछ भोपाल के तालाब की वजह से हुआ। यदि भोपाल का तालाब नहीं होता तो भोपाल का मौसम इतना खराब होता कि यहां पर रहना मुश्किल हो जाता है। इस बात को समझने के लिए, समाचार को पूरा पढ़िए:- 

Bhopal weather update: The Pond played a major role in mitigating the heat

जो लोग भोपाल समाचार के नियमित पाठक है वह जानते हैं कि, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाले बादलों को मानसून कहते हैं। इस बार मानसून भारत की जमीन पर समय से 5 दिन बाद आया, भोपाल में मानसून की तारीख 15 जून है, 5 दिन देरी से मानकर चल तो 20 जून हो जाता है लेकिन आज 28 जून तक मानसून नहीं आया है। इसके बावजूद भोपाल में सामान्य से 81% अधिक बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है, जबकि पूरे मध्य प्रदेश में लगभग 41% कम बारिश हुई है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि मानसून का बड़ा ही असमान वितरण हो रहा है। मतलब जो बारिश हो रही है वह भी काम की नहीं है। भोपाल पर इंद्रदेव की कृपा इसलिए हो रही है क्योंकि भोपाल में तालाब है। 

मौसम विभाग के उपकरणों और सैटेलाइट एनालिसिस के बाद स्पष्ट हुआ कि भोपाल में जो बारिश हो रही है, वह लोकल सिस्टम के कारण हो रही है। लोकल सिस्टम मतलब, भोपाल के तालाब का पानी जो वाष्प बंद कर भोपाल के आसमान में पहुंच गया था, अरब सागर की नमी को लेकर बरस रहा है। आपने अपनी लाइफ में भोपाल की तालाब को कुछ भी दिया हो या नहीं दिया हो लेकिन आज भोपाल का तालाब आपकी जिंदगी बचा रहा है। क्लाइमेट चेंज के कारण 5 साल बाद जब दुनिया का मौसम और ज्यादा खराब होगा, तब भी यही तालाब आपकी जिंदगी हो जाएगा लेकिन सवाल यह है कि क्या तब तक यह तालाब जिंदा रह पाएगा?

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