भोपाल के 1960 होटलों में मेहामानों की जान को खतरा

Updesh Awasthee
भोपाल, 4 जून 2026:
दिल्ली के एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद देशभर में होटलों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। राजधानी भोपाल की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। शहर में संचालित करीब 2 हजार होटल और रेस्टोरेंट्स में से महज 40 प्रतिष्ठानों के पास ही फायर सेफ्टी एनओसी है। इसका मतलब हुआ कि भोपाल के 1960 होटलों में ठहरने वाले मेहमानों को जान का खतरा है। 

बीयर बार सुरक्षित, अस्पतालों में खतरा

नगर निगम के आंकड़े बताते हैं कि शहर के अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट बिना फायर सेफ्टी एनओसी के ही संचालित हो रहे हैं। हालांकि आबकारी विभाग द्वारा लाइसेंस प्राप्त करीब 75 बारों को फायर सेफ्टी प्रमाणन दिया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब भी सुरक्षा मानकों से बाहर हैं। नगर निगम का दावा है कि बड़े भवनों में समय-समय पर मॉक ड्रिल और फायर उपकरणों की जांच कराई जाती है, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग दिखाई देती है।

नियम ही बन गए सबसे बड़ी बाधा
फायर एनओसी जारी करने के लिए वर्तमान नियमों के अनुसार वही भवन पात्र माने जाते हैं जो इनमें से किसी एक शर्त को पूरा करते हों-
- भवन की छत का क्षेत्रफल 500 वर्गमीटर या उससे अधिक हो। 
- भवन की ऊंचाई 15 मीटर से अधिक हो। 
- होटल में 50 से अधिक कमरे हों। 
शहर के अधिकांश छोटे और मध्यम आकार के होटल-रेस्टोरेंट इन मानकों के दायरे में नहीं आते। परिणामस्वरूप वे औपचारिक एनओसी प्रक्रिया से बाहर रह जाते हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान बिना फायर सुरक्षा प्रमाणन के संचालित हो रहे हैं।
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