भोपाल, 22 मई 2026: कटारा हिल्स में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की लड़ाई आज जबलपुर में लड़ी गई। हाईकोर्ट में सरकार ने ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह की जमानत खारिज करने की याचिका लगाई। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने वादे के अनुसार मामले की सीबीआई जांच का प्रस्ताव भेज दिया और अग्रिम जमानत के लिए जबलपुर हाईकोर्ट पहुंचा ट्विशा शर्मा का पति गिरफ्तार कर लिया गया। कुल मिलाकर शुक्रवार का दिन शर्मा परिवार के नाम रहा। उनके संघर्ष का फल प्राप्त हुआ। अब बस एक मांग बाकी रह गई है।
ट्विशा शर्मा का पति जबलपुर कोर्ट से गिरफ्तार
एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के केस में पति समर्थ सिंह शुक्रवार को जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा। यहां भोपाल पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। इस दौरान मीडिया ने उससे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन वह पूरी तरह चुप्पी साधे रहा। कोर्ट परिसर में करीब एक घंटे तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। पुलिस समर्थ को अपने साथ लेकर भोपाल के लिए रवाना हो गई है। समर्थ की पहचान छुपाने के लिए जबलपुर जिला कोर्ट परिसर में उसके कपड़े बदलवाए गए।
ट्विशा शर्मा की डेडबॉडी के दोबारा पोस्टमार्टम को हाई कोर्ट की मंजूरी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली AIIMS के डायरेक्टर के नेतृत्व में टीम भोपाल AIIMS में पोस्टमॉर्टम करेगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। तब तक पुलिस को शव सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्विशा शर्मा मामले की सीबीआई जांच होगी
इधर, मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। जांच की सहमति दी है। 20 मई को ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा रिटायर्ड सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने पहुंचे थे, तब मुख्यमंत्री ने जांच का आश्वासन दिया था।
रिटायर्ड जज की जमानत रद्द करने की मांग
सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को दी गई जमानत रद्द करने की मांग की है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को जस्टिस अवनींद्र सिंह की कोर्ट में होनी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले को डिवीजन बेंच को रेफर कर दिया।
समर्थ की जमानत याचिका वापस, गिरिबाला की जमानत पर 25 को सुनवाई
समर्थ के वकील जयदीप कौरव ने जबलपुर में कहा- कोर्ट के सामने ट्विशा के मामले में चार केस एक साथ लगे हुए थे। एक समर्थ की अग्रिम जमानत का आवेदन था। दूसरा ट्विशा के पिता की तरफ से दोबारा पोस्टमॉर्टम के लिए रिट याचिका थी। दो बेल कैंसिलेशन याचिका लगी थी, जो गिरिबाला की जमानत के खिलाफ थी। उन्होंने बताया- कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी किया है। उनसे जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 25 मई को दोपहर 2:30 बजे होगी। उनको कोर्ट के सामने जवाब देना है। समर्थ की याचिका हमने वापस ले ली है।
एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने कहा- हाईकोर्ट के सामने तीन प्रकार के मामले पेश किए गए। पहला मामला राज्य सरकार की ओर से दायर उस आवेदन से संबंधित था, जिसमें भोपाल जिला अदालत द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी।
सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा। मेहता ने कहा कि सशर्त अग्रिम जमानत के कारण अभियोजन पक्ष को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। इससे साक्ष्यों पर असर पड़ सकता है। कोर्ट ने राज्य सरकार को संबंधित पक्षों को नोटिस तामील कराने का निर्देश दिया है।

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