भोपाल, 10 मई 2026: पश्चिम मध्य रेलवे का भोपाल मंडल अपने आप में गजब है। ऐसा लगता है जैसे इसके अधिकारियों को, यात्रियों को परेशान करने में आनंद आता है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात भोपाल में श्रीधाम एक्सप्रेस के यात्रियों ने जबरदस्त हंगामा किया, अधिकारियों ने कोई मदद नहीं की और जब यात्रियों ने रेलवे की लापरवाही को अपनी किस्मत मान लिया तो सोशल मीडिया पर रिप्लाई करके, जैसे उनको चिढ़ाया जा रहा है।
ShriDham Express Passengers Create Ruckus in Bhopal; SrDOM Allegedly Taunts Travellers
बात दरअसल ऐसी है कि, ट्रेन नंबर 12191 को अचानक, भोपाल रेलवे जंक्शन से माता 2 किलोमीटर पहले निशातपुरा पर रोक दिया गया। आजकल लोग मोबाइल एप्लीकेशन पर अपनी ट्रेन की लाइव लोकेशन देखते हैं। जैसे ही श्रीधाम एक्सप्रेस निशातपुरा पर आकर रुकी। भोपाल रेलवे स्टेशन पर सभी यात्री अलर्ट हो गए, क्योंकि मात्र 2 किलोमीटर की दूरी रह गई थी, लेकिन फिर ट्रेन को वहां से आगे ही नहीं बढ़ाया गया। जो ट्रेन कुछ मिनट में आ जाना चाहिए थी, आधे घंटे में नहीं आई, 1 घंटे में नहीं आई, 2 घंटे में भी नहीं आई। मात्र 2 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने में ट्रेन को 2 घंटे से ज्यादा का समय लगा। रात के अंधेरे में, अकेले बैठे यात्री और कर भी क्या सकते थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया। रेलवे स्टेशन पर भी मर्यादा में रहते हुए जो कुछ कर सकते थे किया। हालांकि इसका कोई असर नहीं पड़ा।
DRM और SrDOM, यात्रियों को चिढ़ा रहे हैं
ट्रेन नंबर 12191 दिनांक 10 MAY 2026 को 2 घंटा 14 मिनट की देरी से, सुबह 4:22 बजे भोपाल स्टेशन पहुंच गई थी। जिन यात्रियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रेन को अनावश्यक रूप से देर किए जाने को लेकर आपत्ति जताई थी, या फिर शिकायत की थी। उन सभी को 10 MAY 2026 को सुबह 7:01 बजे Sr.DOM/BPL की ओर से रिप्लाई किया गया कि, श्रीमान जी, आपकी शिकायत को भोपाल मंडल के सबन्धित अधिकारी तक प्रेषित कर दिया है। हम हर संभव प्रयास करेगे विलंब समय को कम से कम किया जा सके।
सवाल यही है कि ट्रेन के रवाना होने के 3 घंटे बाद रिप्लाई करने का क्या मतलब है। लोगों को समय पर ट्रेन चाहिए थी। यहां तो समय पर रिप्लाई भी नहीं मिल रहा है। यात्री सवाल पूछ रहे हैं कि क्या ट्रेन को इस तरह बिना कारण के लेट करने और यात्रियों को परेशान करने के बदले में रेलवे की किसी अधिकारी को दंडित किया जाएगा? "संबंधित अधिकारी" क्या होता है, जिम्मेदार और दोषी अधिकारी का नाम बताइए और आधिकारिक पत्र जारी करके बताइए कि उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
ऐसा लगता है जैसे रेलवे के अधिकारी, ट्रेन गुजर जाने के बाद रिप्लाई करके यात्रियों को चिढ़ा रहे हैं। मानो बोल रहे हो की रेलवे तो ऐसे ही चलेगा, हम तुम्हें दर्द भी देंगे और दर्द भूलने भी नहीं देंगे।

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