भोपाल, 27 मई 2026: मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, स्टूडेंट की समस्याओं का समाधान छोड़कर सारे काम करते हैं। राजधानी में स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में तमाम समस्याएं हैं। तीन दिन पहले लड़कियों ने बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन किया था। आज पानी के लिए तरसते स्टूडेंट्स ने चक्काजाम कर दिया, लेकिन माननीय मंत्री जी खजुराहो घूम रहे हैं। स्टूडेंट का कहना है कि नहाने और शौचालय तक के लिए पानी नहीं है। जबकि परीक्षाएं चल रही है। इधर माननीय मंत्री जी खजुराहो घूम रहे हैं। उनको मंच से भाषण देना अच्छा लगता है। छात्रों की समस्या सुनने के लिए कभी नहीं आते।
भीषण गर्मी में तीन दिन से नहाए तक नहीं
बुधवार शाम 6 बजे करीब राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर स्टूडेंट द्वारा पानी के लिए प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि यहां पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है। दो-तीन दिन से नहाए तक नहीं हैं। आरजीपीवी के चंद्रशेखर हॉस्टल के बच्चों ने मुख्य द्वार को जाम कर दिया। उनका आरोप है कि गर्मी के मौसम में हॉस्टल में पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। कई छात्र दो-तीन दिन से नहाए तक नहीं है। बिजली कटौती की दिक्कतें भी हैं।
RGPV Bhopal Students Protest Water Scarcity, Demand Immediate Action
स्टूडेंट आर्यमन देशमुख का कहना है कि परीक्षा के समय में भी हॉस्टल में पानी और बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। कई बार शिकायत और विरोध के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। इससे नाराज होकर छात्रों ने मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
छात्रों ने ये भी बताया कि सिर्फ चंद्रशेखर हॉस्टल ही नहीं बल्कि बाल्की गर्ल्स हॉस्टल में भी पानी और लाइट की समस्या चल रही है। गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने भी पहले विरोध किया था, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
गेट पर खड़े होने से गाड़ियां नहीं जा पाई
शाम 4 बजे स्टूडेंट्स मुख्य गेट पर जमा हो गए थे। इस वजह से कई बसें अंदर नहीं जा पाईं। छात्रों का कहना था कि पानी की समस्या का स्थाई हल होना चाहिए। इस संबंध में यूनिवर्सिटी प्रबंधन से चर्चा कर रहे हैं। प्रबंधन ही स्थायी हल निकाले।
गर्ल्स हॉस्टल में भी परेशानी
छात्रों का कहना था कि सिर्फ चंद्रशेखर हॉस्टल ही नहीं, गर्ल्स हॉस्पिटल में भी पानी और बिजली की समस्या है। गर्ल्स हॉस्टल में परेशानी को लेकर पहले शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन हल नहीं निकला।
शौचालय तक में पानी नहीं है बताओ क्या करें?
छात्रों के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद हॉस्टल में पिछले डेढ़ से दो महीने से पानी की भारी किल्लत है। यहां करीब 250 से अधिक छात्र रहते हैं, जिन्हें नहाने, शौचालय और पीने के पानी तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रशासन से बार-बार शिकायत करने पर केवल टैंकर भेजने की बात कही जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। कभी-कभार देर रात टैंकर आता है और कुछ मिनट के लिए मोटर चलाकर औपचारिकता निभा दी जाती है।
2 बजे तक नहीं आया पानी, शौचालय में फंसे छात्र
एक छात्र ने बताया कि एक दिन सुबह से दोपहर 2 बजे तक पानी नहीं आया, जिससे कई छात्र शौचालयों में फंसे रह गए। बाद में महज 5 मिनट के लिए पानी छोड़ा गया, जिससे किसी तरह स्थिति संभाली गई।
अन्य हॉस्टलों और विभागों में भी बदहाल व्यवस्था
स्थिति केवल एक हॉस्टल तक सीमित नहीं है। अन्य हॉस्टलों में भी पीने के पानी की कमी है, जबकि कहीं-कहीं सैकड़ों छात्रों के लिए एक ही वाटर कूलर है। विश्वविद्यालय के विभागों में भी टॉयलेट और कूलर सूखे पड़े हैं, जिससे परीक्षा देने आए छात्रों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बाल्टी-डिब्बों के साथ चक्का जाम, 24 घंटे का अल्टीमेटम
पानी की समस्या से त्रस्त छात्रों ने बाल्टी और डिब्बे लेकर सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। आखिरकार प्रशासन ने 24 घंटे में व्यवस्था सुधारने का लिखित आश्वासन दिया।

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