MP SET 2025 Cut off से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां

Updesh Awasthee
इंदौर, 13 मई 2026:
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने 13 मई 2026 को राज्य पात्रता परीक्षा (SET) 2025 के शेष 10 ऐच्छिक विषयों का परीक्षा परिणाम और उनके श्रेणीवार कट ऑफ अंक जारी कर दिए हैं। यह परिणाम मध्य प्रदेश शासन की आरक्षण नीति के अनुसार 87% मुख्य भाग के लिए तैयार किया गया है, जबकि शेष 13% परिणाम को कानूनी प्रावधानों के तहत अभी होल्ड पर रखा गया है। विभिन्न विषयों के लिए श्रेणीवार कट ऑफ अंक (न्यूनतम अर्हता अंक) की जानकारी नीचे दी गई है:

प्रमुख विषयों के कट ऑफ अंक


कट ऑफ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:

निर्धारण प्रक्रिया: यह कट ऑफ अंक दोनों प्रश्नपत्रों (अनिवार्य प्रथम प्रश्न पत्र और संबंधित ऐच्छिक विषय) में सम्मिलित रूप से प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार किए गए हैं।
चयन का आधार: यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार, विषयवार और श्रेणीवार सम्मिलित रूप से अर्ह घोषित किए गए ऊपरी 6 प्रतिशत अभ्यर्थियों को ही पात्र माना गया है। इसमें वे अभ्यर्थी भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी श्रेणी के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के समान अंक प्राप्त किए हैं।
महिला आरक्षण: अधिकांश विषयों में अनारक्षित (UR) श्रेणी में महिलाओं का कट ऑफ पुरुषों के समान ही है, हालांकि रसायन विज्ञान जैसे कुछ विषयों में महिलाओं का कट ऑफ (188) सामान्य अनारक्षित (190) से थोड़ा कम रहा है।
दिव्यांगजन (PH) श्रेणी: ओएच (OH), एचएच (HH) और वीएच (VH) श्रेणियों के लिए भी अलग-अलग कट ऑफ अंक जारी किए गए हैं, जो सामान्य श्रेणियों की तुलना में कम हैं। 

प्रबंधन और राजनीति विज्ञान के हाई कट-ऑफ के क्या कारण हैं?

स्रोतों के विश्लेषण के अनुसार, प्रबंधन (Management) और राजनीति विज्ञान (Political Science) के कट-ऑफ अंक इस चरण में घोषित सभी 10 विषयों में सबसे ऊँचे स्तर पर रहे हैं, जिसके पीछे मुख्य रूप से आयोग की चयन नीति और प्रतिस्पर्धी अंक शामिल हैं। इन विषयों के हाई कट-ऑफ के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

शीर्ष 06 प्रतिशत का कड़ा नियम: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशानिर्देशों के अनुसार, विषयवार और श्रेणीवार अर्ह घोषित किए गए अभ्यर्थियों की संख्या केवल ऊपरी 06 प्रतिशत तक सीमित रखी गई है। जब किसी विषय में अभ्यर्थी बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं और उच्च अंक प्राप्त करते हैं, तो इस 6% की सीमा के कारण कट-ऑफ स्कोर स्वतः ही ऊपर चला जाता है।

दोनों प्रश्नपत्रों के सम्मिलित अंक: कट-ऑफ का निर्धारण केवल एक विषय के आधार पर नहीं, बल्कि अनिवार्य प्रथम प्रश्न पत्र (सामान्य अध्ययन-शिक्षण एवं शोध अभिवृत्ति) और ऐच्छिक विषय के प्रश्नपत्र में प्राप्त सम्मिलित कुल अंकों के आधार पर किया गया है। इन दोनों पत्रों में अभ्यर्थियों के उत्कृष्ट सामूहिक प्रदर्शन ने कट-ऑफ को ऊँचा पहुँचाया है।

87% मुख्य भाग की सीमा: वर्तमान में परिणाम केवल 87 प्रतिशत मुख्य भाग के लिए ही तैयार किए गए हैं। 13 प्रतिशत पदों के परिणाम कानूनी प्रावधानों के कारण अभी होल्ड पर रखे गए हैं, जिससे मुख्य सूची में स्थान पाने के लिए प्रतिस्पर्धा और अधिक कठिन हो गई है।

उच्चतम स्कोरिंग ट्रेंड: प्रबंधन विषय का अनारक्षित (UR) कट-ऑफ 206 और राजनीति विज्ञान का 202 रहा है, जो यह दर्शाता है कि इन विषयों में शामिल उम्मीदवारों के अंकों का औसत अन्य विषयों (जैसे शारीरिक शिक्षा - 170) की तुलना में बहुत अधिक रहा है।

समान अंक वाले अभ्यर्थियों का प्रभाव: नियमों के अनुसार, यदि कई अभ्यर्थी अंतिम चयनित उम्मीदवार के समान अंक (Equal Marks) प्राप्त करते हैं, तो उन सभी को अर्ह घोषित किया जाता है, जो उच्च कट-ऑफ वाले विषयों में अभ्यर्थियों के बीच के अत्यंत कम अंतर (Marginal difference) को स्पष्ट करता है।

ध्यान दें: स्रोतों में प्रश्नपत्र के कठिनाई स्तर या कुल आवेदकों की संख्या का विशेष उल्लेख नहीं है, जो आमतौर पर कट-ऑफ को प्रभावित करने वाले बाहरी कारक होते हैं। इसलिए, यह जानकारी पूरी तरह से आयोग द्वारा घोषित चयन प्रक्रिया और आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है।

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