भोपाल, 30 मई 2026: प्रशांत महासागर से पैदा हुए राक्षस "अल-नीनो" भारत में मानसून के देवता इंद्र पर हमला कर दिया है। अरब सागर के आसमान में दोनों के बीच घनघोर युद्ध चल रहा है। मौसम के महर्षियों (IMD वैज्ञानिकों) का कहना है कि, इस युद्ध में इंद्र की विजय होगी लेकिन युद्ध के कारण इंद्रदेव कमजोर पड़ जाएंगे। इसके कारण मध्य प्रदेश के 9 जिलों में सूखा पड़ने की संभावना है। जबकि आठ जिलों में आवश्यकता से अधिक बारिश होने की संभावना है।
MP Monsoon Forecast: Drought Risk in 9 Districts
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अशोकनगर, सागर, नर्मदापुरम, रायसेन, मंडला, डिंडौरी, खरगोन, बुरहानपुर, नरसिंहपुर में सामान्य से कम बारिश होगी। इसके कारण उपरोक्त जिलों के कुछ इलाकों में किसानों को सूखा जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा। फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पाएगा, इसके कारण फसल कमजोर हो जाएगी, दाना कमजोर हो जाएगा और यदि दाना कमजोर हो गया तो सरकारी रेट नहीं मिलेगी। मतलब किसान डबल घाटे में जाएगा। एक तरफ पैदावार कम होगी और दूसरी तरफ दाम नहीं मिलेंगे। भूजल रिचार्ज नहीं होगा तो क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति बन जाएगी।
Weather Warning: 8 MP Districts Could See Extreme Rainfall
मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर, भिंड, नीमच, दमोह, अनूपपुर, उज्जैन, आलीराजपुर और बड़वानी में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। उपरोक्त जिलों के कई इलाकों में अचानक मूसलाधार बारिश होगी। इसके कारण बाढ़ की स्थिति बन सकती है। खेतों में पानी भर जाएगा और फसल बर्बाद हो जाएगी।
Monsoon 2026: Contrasting Weather Threats Loom Over Madhya Pradesh 17 Districts
इस प्रकार मध्य प्रदेश के 17 जिलों में किसानों को भारी नुकसान होगा। मध्य प्रदेश के बाकी जिलों में भी सामान्य कम बारिश होगी। मौसम विभाग ने इस बार 90% बारिश होने का अनुमान जताया है। 10% से बहुत अंतर पड़ता है क्योंकि सरकारी आंकड़ों में पूरे मध्य प्रदेश का एवरेज लिया गया है। इसमें से कई इलाके ऐसे होंगे जहां पर खेतों की जरूरत के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हो पाएगी।
बड़ी विडंबना यह है कि, आधुनिक विज्ञान के इस युग में वैज्ञानिकों और सरकारों के पास इस समस्या का कोई हल नहीं है।

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