Bhopal Samachar Follow-up: आईपीएस अधिकारी ने लड़की को गोद लिया था, Sorry Note मिला

Updesh Awasthee
भोपाल, 27 मई 2026:
भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री संजीव कंचन की 17 वर्षीय बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के मामले में आज एक बड़ा खुलासा हुआ है और एक मोड़ भी आया है। पता चला है कि मृत लड़की, उनकी Biological offspring नहीं थी। इसके अलावा एक माफी नाम भी मिला है जिसको मीडिया में सुसाइड नोट कहा जा रहा है। 

Bhopal Samachar Follow-Up: IPS Officer Had Adopted the Girl, ‘Sorry Note’ Recovered

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे हाई प्रोफाइल क्षेत्र चार इमली में श्री संजीव कंचन आईपीएस के सरकारी बंगले में उनकी बेटी की डेड बॉडी मिली थी। यह घटना मंगलवार दिनांक 26 मई की है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, बच्ची 11वीं कक्षा की छात्रा थी। पुलिस को परिजन से सूचना मिली। छात्रा के मोबाइल फोन और उसके संपर्कों की जांच की जा रही है। मृत छात्रा की मां रेणुका कंचन भोपाल गैस राहत अदालत में जज हैं।

पुलिस ने माफीनामे को सुसाइड नोट बताया

एसीपी उमेश तिवारी ने बताया कि मृत छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा, “मम्मी-पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, लेकिन मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन सकी। आईएम सॉरी।” यहां याद रखना होगा कि 26 तारीख को थाना प्रभारी ने किसी भी प्रकार के सुसाइड नोट मिलने की जानकारी नहीं दी थी। आज एसीपी श्री उमेश तिवारी ने जो बताया है, वह एक माफीनाम है। जो कब लिखा गया किसी को नहीं पता। जबकि उसको सुसाइड नोट कहा जा रहा है। बच्चे इस प्रकार की माफी अक्सर अपने पेरेंट्स से मांग लेते हैं। यह माता-पिता और संतान के रिश्ते का इमोशनल हिस्सा होता है। सुसाइड नोट में भी ऐसे ही शब्द लिखे जाते हैं लेकिन कोई भी नोट, तब तक सुसाइड नोट नहीं माना जा सकता जब तक कि, नोट पर सुसाइड करने की बात नहीं लिखी गई हो। 

आईपीएस अधिकारी ने लड़की को गोद लिया था

आईपीएस संजीव कंचन ने बेटी को गोद लेकर पाला था। महज तीन महीने की उम्र में बेटी को विधिवत तरीके से अडॉप्ट किया गया था। इसकी पुष्टि पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने की है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के सही कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। परिजनों के डिटेल बयान फिलहाल दर्ज नहीं किए जा सके हैं। इस मामले का खुलासा तभी हो पाएगा जब, लड़की की सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की जाएगी और उसके परिवार के अलावा उसके दोस्तों से भी पूछताछ की जाएगी। 
सच का सामने आना जरूरी है, आखिर एक मासूम लड़की की मृत्यु का सवाल है।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!