MP Home Guard महिला कर्मचारी का सुसाइड नोट, बस अब सहन नहीं होता

Updesh Awasthee
शिवपुरी, 27 मई 2026:
मध्य प्रदेश होमगार्ड के अंतर्गत शिवपुरी में एक महिला होमगार्ड सैनिक ने ऑफिस में बैठकर सुसाइड नोट लिखा, इसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। सुसाइड नोट में उसने प्लाटून कमांडर पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। बताया कि सबके चले जाने के बाद भी ऑफिस में रुकने के लिए कहते हैं। यह भी लिखा है कि बस अब सहन नहीं होता। 

MP Home Guard Woman Employee’s Suicide Note Surfaces, ‘I Can’t Bear It Anymore’

महिला होमगार्ड का नाम अंजलि भदौरिया है। अंजलि ने आरोप लगाया कि वह मंगलवार सुबह तय समय पर 11 बजे ड्यूटी पर पहुंच गई थीं। उस समय वह कार्यालय में रोजनामचा भर रही थीं, लेकिन 11 बजकर 16 मिनट पर उन्हें गैरहाजिर दर्ज कर दिया गया। अंजलि का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले भी कई बार जानबूझकर उनकी अनुपस्थिति दर्ज की गई, जिससे उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी नियुक्ति अनुकंपा आधार पर हुई थी और वह पिछले तीन वर्षों से होमगार्ड कार्यालय में सेवाएं दे रही हैं। लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि नौकरी उनके लिए सम्मान नहीं बल्कि तनाव का कारण बन गई है।

MP Home Guard Platoon Commandant Raghavendra Hakre Accused of Harassing Female Soldier

महिला सैनिक ने प्लाटून कमांडेंट राघवेंद्र हाकरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे रोजाना कार्यालय आने और जाने की व्यक्तिगत जानकारी देने के लिए दबाव बनाया जाता है, जबकि यह नियम सबके लिए नहीं है। मतलब कार्टून कमांडेंट, एक विशेष महिला सैनिक को आते और जाते समय अपने सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए प्रेशर कर रहे हैं। अंजलि के अनुसार उनकी ड्यूटी का समय सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित है, लेकिन उनसे अक्सर शाम 7 बजे तक कार्यालय में रुकने को कहा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बात का विरोध करने पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाता है और गैरहाजिरी जैसी कार्रवाई कर दबाव बनाया जाता है।

पानी और शौचालय तक की व्यवस्था नहीं

महिला सैनिक ने सिर्फ व्यवहारिक प्रताड़ना ही नहीं, बल्कि कार्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि होमगार्ड कार्यालय में पीने के पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। स्थिति यह है कि कर्मचारियों को घर से पानी लेकर आना पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। इस खुलासे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि सुरक्षा और अनुशासन का दावा करने वाले विभाग के अपने कार्यालयों में ही यदि बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, तो कर्मचारियों की कार्यस्थितियां कैसी होंगी।

Video - Madhya Pradesh Home Guard, Shivpuri: Dispute between Female Soldier Anjali Bhadoria and Platoon Commandant Raghavendra Hakre.


दूसरे कर्मचारी ने भी खोली विभाग की पोल

इसी कार्यालय में एसडीईआरएफ में कार्यरत भरत राठौर ने भी विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से उन्हें यात्रा भत्ता (टीए) तक नहीं मिला है। भरत का कहना है कि उन्होंने कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। कर्मचारियों की समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं है।

फोन नहीं उठाया, अधिकारी बोले- जांच होगी

पूरा मामला सामने आने के बाद प्लाटून कमांडेंट राघवेंद्र हाकरे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं जिला कमांडेंट जितेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि महिला सैनिक की शिकायत गंभीर है। मामले की जांच कर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।

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