इंदौर, 7 मई 2026: एक व्यक्ति जिसे बंदूक चलाना नहीं आता क्या उसे सैनिक बनकर बॉर्डर पर तैनात कर सकते हैं? क्या जिसको ड्राइविंग नहीं आती उसे वंदे भारत का पायलट बन सकते हैं? लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग में, आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने डिजिटल अनपढ़ों को BEO बना दिया। नतीजा अकेले इंदौर के एक ब्लॉक एजुकेशन ऑफिस में लगभग 3 करोड़ का गबन हो गया। मजे की बात देखिए BEO ऑफिस का चपरासी, BEO से ज्यादा स्किल्ड है।
Indore Education Scam Raises Questions Over Appointment of Non-Tech-Savvy BEOs
मामला विकासखंड शिक्षा अधिकारी इंदौर कार्यालय का है। इंदौर की अखबारों में कहानी को कुछ इस तरह से प्रस्तुत किया गया है मानो विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कोई नाबालिग और मासूम बालक है। जबकि असलियत यह है कि, आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने ऐसे अधिकारियों को ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर बना दिया जिनको अपना सॉफ्टवेयर ऑपरेट करना तक नहीं आता। सिर्फ एक नहीं बल्कि एक के बाद एक लगातार पांच डिजिटल अनपढ़ों को ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर बनाया गया जो 2018 से 2025 तक अपने पद पर रहे। खजराना के सरकारी स्कूल में एक चपरासी सिद्धार्थ जोशी (जिसका काम फाइलों को यहां से वहां ले जाना, अधिकारियों को पानी पिलाना इत्यादि होता है), ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर से ज्यादा स्किल्ड था।
2018 में तत्कालीन BEO ने चपरासी को अपना कंप्यूटर ऑपरेटर बनाया और फिर उसको अपना यूजर आईडी पासवर्ड दे दिया। यहां बताना जरूरी है कि यूजर आईडी पासवर्ड, नितांत व्यक्तिगत संपत्ति होता है। यह अपने वरिष्ठ अधिकारी के साथ भी शेयर नहीं किया जाता। अधिकारी को स्वयं दर्ज करना होता है। यही नियम है। इसमें कोई बहाना, कोई मजबूरी मंजूर नहीं की जाती, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग में सब कुछ उल्टा ही चलता है। चपरासी को कंप्यूटर ऑपरेटर बनाया और फिर उसको यूजर आईडी पासवर्ड दे दिया। सिर्फ इतना ही नहीं, उसके मांगे जाने पर OTP भी शेयर कर देते थे, जबकि भारत सरकार की गाइडलाइन है कि OTP कभी किसी के साथ शेयर नहीं करना है। एक के बाद एक 5 अधिकारियों ने ऐसा किया।
चपरासी ने मौके का फायदा उठाया और सरकारी धन, अपने स्वयं के, अपनी पत्नी के एवं अन्य रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर लिया। हर महीने थोड़ा-थोड़ा करके 7 साल में 2.87 करोड़ का गबन कर लिया। अब स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पुलिस थाने में रिपोर्ट लिखी है कि, चपरासी ने गबन कर लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। यहां तक तो ठीक है लेकिन 2018 से 2025 तक, चपरासी को अपना यूजर आईडी पासवर्ड देने वाले विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा, और सबसे बड़ी बात डिजिटल अनपढ़ों को बिना पात्रता परीक्षा BEO के के पद पर नियुक्त करने वाली आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय के खिलाफ कार्रवाई कब होगी।

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