नई दिल्ली, 22 मई 2026: भारत के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। उनको उनके वेतन में से मिलने वाला कैश इन हैंड कम होने जा रहा है। जिस प्रकार से कर्मचारियों के वेतन में से प्रोविडेंट फंड की एक किस्त कट जाती है, ठीक उसी प्रकार से और शायद उतना ही पैसा म्यूचुअल फंड के लिए भी काट लिया जाएगा। PF तो सुरक्षित और डबल बेनिफिट का मामला है लेकिन म्यूचुअल फंड?
Big News for Employees: Mutual Fund Instalment May Be Auto-Deducted From Salaries of 8 Crore Workers
SEBI ने PF और NPS की तरह ही वेतन से जुड़े MF SIP का प्रस्ताव रखा है। इसके अंतर्गत प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। SEBI का कहना है कि जिस प्रकार से कर्मचारियों के वेतन में से प्रोविडेंट फंड अथवा पेंशन स्कीम के लिए एक निश्चित राशि काट ली जाती है ठीक उसी प्रकार म्यूचुअल फंड के लिए भी कटौती की जानी चाहिए। सिर्फ इतना ही नहीं है SEBI का कहना है कि, म्यूचुअल फंड कंपनियों को भी अपने एजेंट को वेतन में म्यूचुअल फंड देना चाहिए।
SEBI ने भारत के लगभग 8 करोड़ कर्मचारियों को इस फार्मूले के तहत अपने टारगेट पर लिया है। यहां उल्लेख करना जरूरी है कि शेयर मार्केट में निवेश, जोखिम भरा होता है। यहां भारी मुनाफा भी हो सकता है और इन्वेस्ट की गई राशि का नुकसान भी हो सकता है। शेयर मार्केट का अपना कोई भरोसा नहीं होता। कभी भी किसी भी कारण से गिर जाता है, किसी भी कारण से उठ जाता है। कंपनी के शेयर्स का मूल्य, उसके बिजनेस पर नहीं बल्कि कंपनी से संबंधित सच्ची झूठी खबरों के आधार पर निर्धारित हो जाता है। यही कारण है कि भारत की ज्यादातर लोग निवेश के मामले में रिटर्न से ज्यादा सिक्योरिटी को इंपॉर्टेंस देते हैं।

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