नई दिल्ली, 6 मई 2026: भारत में जनगणना 2027 का काम शुरू हो चुका है और इसके लिए विभिन्न विभागों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। कर्मचारियों ने ड्यूटी से बचने के लिए बड़े अजीब बहाने प्रस्तुत किए हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी ड्यूटी से मुक्ति पाने में सफल भी हो गए थे। बाद में जब शिकायत हुई तो खुलासा हुआ। सबसे अजीब तरह के बहाने मध्य प्रदेश के ग्वालियर, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के कर्मचारियों ने बनाए हैं। ग्वालियर में तो 500 आवेदन में 130 तरह के बहाने हैं। मतलब कोई भी आवेदन कॉपी पेस्ट नहीं है। लगभग हर तीसरे कर्मचारियों के पास एक नया बहाना था।
‘100 Excuses’ to Skip Census Duty? Reports Highlight Trends from Gwalior, Prayagraj, Bilaspur
अचानक स्लिप डिस्क: फील्ड वर्क और पैदल चलने से बचने के लिए यह सबसे आम बहाना है, जिसके लिए अक्सर 'बेड रेस्ट' का मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किया जाता है।
याददाश्त का जाना: ग्वालियर में एक कर्मचारी ने यह विचित्र आवेदन दिया कि उसकी याददाश्त हर 2-2 घंटे में चली जाती है।
हीमोग्लोबिन और बेहोशी: एक महिला प्रिंसिपल ने दावा किया कि उनका हीमोग्लोबिन ऊपर-नीचे होता रहता है, जिससे वे हर 30-40 मिनट में बेसुध हो जाती हैं।
धूप से एलर्जी: घर-घर सर्वे करने में धूप की समस्या का हवाला देकर ड्यूटी से बचने की कोशिश की जाती है।
साइटिका और घुटनों का दर्द: कर्मचारी यह तर्क दे रहे हैं कि उन्हें सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत है, इसलिए वे घर-घर जाकर डेटा नहीं जुटा सकते।
मानसिक स्वास्थ्य: तनाव (Depression) या पैनिक अटैक का हवाला देकर फील्ड ड्यूटी से छूट मांग रहे हैं।
नजर की कमजोरी: बारीक अक्षर पढ़ने या लिखने में दिक्कत होती है, जिससे डेटा गलत हो सकता है।
छोटे बच्चों की देखभाल: घर पर बच्चे को देखने वाला कोई नहीं है। प्रयागराज में ही मेटरनिटी लीव और बच्चों से जुड़े 127 से अधिक आवेदन देखे गए।
बुजुर्ग माता-पिता की सेवा: माता-पिता बिस्तर पर हैं और उनकी देखरेख के लिए कर्मचारी का घर पर रहना अनिवार्य है।
गर्भावस्था (Pregnancy): मेटरनिटी लीव या प्रसव का समय करीब होने का हवाला।
शादी और धार्मिक कार्यक्रम: परिवार या किसी दूर के रिश्तेदार की शादी, या पहले से तय तीर्थ यात्रा और मन्नत का हवाला।
स्मार्टफोन/टैबलेट चलाने में दिक्कत: कर्मचारी दावा कर रहे हैं कि उन्हें टच स्क्रीन फोन चलाना नहीं आता और वे डिजिटल डेटा एंट्री करने में असमर्थ हैं।
डेटा गलत होने का डर: "साहब, मुझे तकनीक समझ नहीं आती, अगर डेटा गलत हो गया तो रिकॉर्ड खराब हो जाएगा"।
विभागीय ऑडिट और पेंडिंग फाइलें: मूल विभाग में ऑडिट चलने या काम का अत्यधिक बोझ है।
पहले से ही चुनाव ड्यूटी, अन्य सर्वे या सरकारी कार्यों में व्यस्त हैं।
"मैं पहले भी जनगणना या चुनाव की ड्यूटी कर चुका हूँ," इसलिए इस बार किसी और को भेजा जाए।
जिस इलाके में ड्यूटी लगी है, वहां के गली के कुत्ते काट सकते हैं और उन्हें कुत्तों से फोबिया है।
जिस वार्ड में ड्यूटी लगी है, वहां मेरे विरोधी रहते हैं, वहां मेरी जान को खतरा हो सकता है"।
दूर-दराज के क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं का अभाव या भीषण गर्मी और बारिश जैसे मौसम संबंधी कारणों का हवाला।
ड्यूटी कटवाने के लिए मंत्रियों, विधायकों या बड़े अधिकारियों (IAS/IPS) से फोन करवाए जा रहे हैं।
जानबूझकर फोन स्विच ऑफ कर लेना या यह दावा करना कि उन्हें ड्यूटी का पत्र (Notice) मिला ही नहीं।
बहाना बनाने वाले कर्मचारियों को 3 साल जेल का प्रावधान
जनगणना राष्ट्रीय कार्य है। इसमें लापरवाही बरतने या बहाने बनाने पर Census Act 1948 के तहत 3 साल तक की कैद, जुर्माना या FIR भी हो सकती है। ट्रेनिंग से गैरहाजिर रहने पर कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया जा रहा है और इसे सेवा रिकॉर्ड में "ब्रेक इन सर्विस" भी माना जा सकता है।

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