भोपाल में सोशल मीडिया पर धारा 163 के प्रतिबंध लागू, उल्लंघन किया तो पुलिस पकड़ लेगी

Updesh Awasthee
भोपाल, 7 मई 2026
: भोपाल वालों, अब सोशल मीडिया पर कुछ भी 'लाइक', 'शेयर' या 'फॉरवर्ड' करने से पहले सौ बार सोच लीजिएगा। शहर की शांति और भाईचारे को बिगड़ने से बचाने के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने एक बड़ा फैसला लिया है। पुलिस कमिश्नर ने भोपाल में सोशल मीडिया पर धारा 163 लागू कर दी है। उल्लंघन करने वाले को धारा 223 के तहत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। (Bhopal Police Enforces Section 163 Restrictions on Social Media, Violators to Face Action)

व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन सावधान!

पुलिस कमिश्नर ने जारी सूचना में बताया है कि, कुछ असामाजिक तत्व फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल करके समाज में नफरत फैलाने और अफवाहें उड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इस नए आदेश में सबसे बड़ी गाज व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन पर गिर सकती है। अगर आपके ग्रुप में कोई भी ऐसी पोस्ट आती है जिससे धार्मिक, सामाजिक या जातिगत भावनाएं भड़कती हैं, तो उसे रोकना ग्रुप एडमिन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। अगर एडमिन ऐसी पोस्ट को बढ़ावा देता है या उसे नहीं रोकता, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है मनाही? (Dos and Don'ts)

पुलिस ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर 'इंटरनेट सोशल मीडिया वॉर' जैसी स्थिति पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आदेश के मुताबिक:
किसी भी धर्म या जाति के खिलाफ आपत्तिजनक फोटो, वीडियो या ऑडियो मैसेज पोस्ट करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना या ऐसी अफवाहें फैलाना जिससे हिंसा भड़क सकती हो, अब भारी पड़ सकता है।
सोशल मीडिया के जरिए भीड़ इकट्ठा करना या किसी को गैरकानूनी गतिविधि के लिए उकसाना भी अपराध की श्रेणी में आएगा।

साइबर कैफे के लिए भी नए नियम

अब भोपाल में साइबर कैफे जाना भी पहले जैसा नहीं रहेगा। पुलिस ने आदेश दिया है कि कैफे संचालकों को हर आने वाले व्यक्ति का पहचान पत्र (जैसे आधार, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस) चेक करना होगा और उसका रिकॉर्ड एक रजिस्टर में रखना होगा। बिना पहचान पत्र के कैफे का इस्तेमाल वर्जित कर दिया गया है। साथ ही, हर कैफे में वर्किंग वेबकैम होना अनिवार्य है ताकि वहां आने वालों की फोटो सुरक्षित रखी जा सके।

धारा 163 के तहत कार्रवाई

यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

कब तक लागू रहेगा आदेश?

पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी यह आदेश 06 मई 2026 से प्रभावी हो गया है और अगले दो महीनों तक शहर में लागू रहेगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शहर की सुरक्षा और लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।
तो अगली बार कोई भी 'सेंसेटिव' मैसेज फॉरवर्ड करने से पहले रुकें और सोचें, कहीं आपका एक क्लिक आपको मुश्किल में न डाल दे!
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