भोपाल, 05 मई 2026: राजधानी के मानस भवन के पीछे 70 साल पहले कुछ आदिवासी परिवारों ने सरकारी जमीन पर बस्ती बसाई थी। 70 साल बाद जब आदिवासियों को हटाने के लिए सरकार पहुंची तो वहां पर कई मुस्लिम परिवार मिले। सरकार ने सभी को विस्थापित करके मालीखेड़ी में घर दिया है। आदिवासी बस्ती से मालीखेड़ी पहुंचे मुस्लिम परिवारों ने विवाद शुरू कर दिया है। मुस्लिम नेताओं ने एक बार फिर पॉलिटिक्स शुरू कर दी है जबकि लोकल के पार्षद का कहना है कि कोई प्रॉब्लम ही नहीं है।
Clash Reported in Malkhedi After Dispute Involving Muslim Families from Tribal Settlement in Bhopal
बता दें कि शनिवार को पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन इलाके में करीब 70 साल पुरानी आदिवासी बस्ती को जिला प्रशासन ने हटाया था। कांग्रेस पार्टी ने बड़ा ढोल बजाया था कि सरकार ने आदिवासियों को हटा दिया जबकि इस बस्ती में आदिवासियों की जगह मुस्लिम परिवार रह रहे थे। इस दौरान 27 परिवारों को मालीखेड़ी स्थित PMAY मालीखेड़ी के पक्के मकानों में शिफ्ट किया गया। मालीखेड़ी के लोगों को बताया गया था कि आदिवासी बस्ती के लोग आ रहे हैं, जब लोग आए तो पता चला कि मुस्लिम समाज के हैं। कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई। माली खेड़ी बस्ती में पहले एक बार विवाद हुआ था इसलिए लोगों ने, बस्ती से आए लोगों का पुलिस वेरीफिकेशन की मांग कर दी।
हालांकि, बाद में पुलिस की मौजूदगी में शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। इस मामले में बस्ती से यहां शिफ्ट हुए मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि रात में कुछ हिंदूवादी संगठन के लोग आते हैं और परेशान करते हैं। तलवार, लठ लेकर भी घूमते हैं (मांगने पर इसका कोई फोटो वीडियो उपलब्ध नहीं करवाया गया)। एक नेता ने तलवार को मुद्दा बनाने की कोशिश की लेकिन उनके पास भी कोई एविडेंस नहीं है। हालांकि, वार्ड के पार्षद विकास पटेल का कहना है कि यहां पहले दो पक्षों में विवाद हुआ था। इसलिए पुलिस वेरिफिकेशन की मांग की गई थी। बाकी कोई प्रॉब्लम नहीं है। यहां किसी भी प्रकार का कोई टेंशन नहीं है।
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी का कहना है कि मानस भवन के आदिवासी मोहल्ले के परिवारों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। बलपूर्वक मकान तोड़े जाने से न केवल लोगों का आशियाना उजड़ गया, बल्कि उनका सामान भी टूट-फूट गया और कई जरूरी वस्तुएं गायब होने की बात सामने आई है। कांग्रेस वार्ड 24 अध्यक्ष शोएब खान ने कहा कि बिना उचित पुनर्वास और सूचना के गरीब परिवारों को इस तरह बेघर करना न्यायसंगत नहीं है। पीड़ित परिवारों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और अपने नुकसान की भरपाई की मांग की है।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अतिक्रमण टूट जाने के बाद विरोध करने आए थे। उन्होंने लोगों से मानस भवन के पीछे फिर से अधिग्रहण करने के लिए कहा था लेकिन लोगों ने बात ही नहीं मानी।

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