भोपाल, 05 मई 2026: श्री दिग्विजय सिंह के शासनकाल तक इंदौर को व्यापारी और भोपाल को सरकारी शहर कहा जाता था, लेकिन अब सूरत बदलने लगी है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के बाद अब भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर की स्थापना होने जा रही है। डॉ मोहन यादव की कैबिनेट ने आज इसकी मंजूरी दे दी है। चलिए जानते हैं इससे आम जनता को क्या लाभ होगा:-
भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
भोपाल के बांदीखेड़ी में स्थापित होने वाला इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) रोजगार के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएँ लेकर आएगा। स्रोतों के अनुसार, इससे जुड़ें प्रमुख अवसर इस प्रकार हैं:
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में वृद्धि: भोपाल के बांदीखेड़ी में 209.47 एकड़ क्षेत्र में इस क्लस्टर की स्थापना की जा रही है। इसमें निवेश प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Manufacturing) के क्षेत्र में प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
IT एवं ITES सेवाओं का विस्तार: सरकार मध्यप्रदेश को आईटी (IT) और आईटीईएस (ITES) सेवाओं के लिए एक आकर्षक गंतव्य (Attractive Destination) के रूप में स्थापित कर रही है। इसके लिए पूंजीगत अनुदान और टैक्स संबंधी रियायतें दी जा रही हैं, जिससे बड़ी टेक कंपनियाँ यहाँ आएँगी और युवाओं के लिए तकनीकी नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।
प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास: इस योजना के तहत प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास (Training and Human Resource Development) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल (Skill) सिखाया जाएगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी।
आईटी पार्क और नए निवेश: राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के विकास के लिए निजी सहभागिता और आईटी पार्क की स्थापना को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह न केवल बड़े उद्योगों बल्कि छोटे स्टार्टअप्स और सेवा प्रदाताओं के लिए भी एक इकोसिस्टम तैयार करेगा।
सरकारी क्षेत्र में आईटी दक्षता: 'ई-दक्ष' प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आईटी और ई-गवर्नेंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे प्रशासन के डिजिटल कार्यों में भी कुशल जनशक्ति की आवश्यकता बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, 1,295 करोड़ 52 लाख रुपये के इस बड़े निवेश से भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में तकनीकी, विनिर्माण और प्रबंधन (Management) से संबंधित रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
भोपाल में बनने वाले नए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की खूबियां
मंत्रि-परिषद की बैठक के अनुसार, भोपाल में स्थापित होने वाले नए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) की प्रमुख खूबियाँ और विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
विशाल क्षेत्र और स्थान: यह क्लस्टर भोपाल के बांदीखेड़ी में 209.47 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।
वित्तीय प्रावधान: इस क्लस्टर की स्थापना के लिए सरकार ने 225 करोड़ 32 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है।
निवेश और विकास का उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य राज्य को IT और ITES (आईटी सक्षम सेवाएं) के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। इसके माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के विकास के लिए निजी क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
विशेष रियायतें और सुविधाएं: उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर के तहत पूंजीगत अनुदान, कर (tax) संबंधी रियायतें, प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
संचालन संस्था: इस पूरे प्रोजेक्ट का संचालन और प्रबंधन एमपीएसईडीसी (MPSEDC) के माध्यम से किया जाएगा।
व्यापक आईटी ईकोसिस्टम: यह पहल आईटी निवेश प्रोत्साहन योजना का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य में आईटी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स की स्थापना को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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