MP Cabinet Meeting Official Report 5 May 2026 - मध्य प्रदेश कैबिनेट मीटिंग का आधिकारिक प्रतिवेदन

Updesh Awasthee
भोपाल, 05 मई 2026
: मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए 38,555 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी गई है। इस मीटिंग में व्यापारियों के लिए एक 'राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड' बनाने जैसा ऐतिहासिक फैसला भी लिया गया। सरकार का मुख्य फोकस प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और सोशल सिक्योरिटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर है। 

Pulses Self-Reliance Mission: MP Govt Invests ₹2442 Crore to Boost Pulse Production 

'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन': अब दालों के उत्पादन में नंबर-1 बनेगा MP - मध्यप्रदेश को दालों (Pulses) के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' को हरी झंडी मिल गई है। अगले 5 सालों (2026-2031) के लिए सरकार इस मिशन पर 2,442 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को अच्छे बीज (Seeds) मुहैया कराना, खेती का एरिया बढ़ाना और फसल की कटाई के बाद उसकी पैकेजिंग और स्टोरेज की बेहतर तकनीक देना है।

MP Infrastructure Revolution: ₹32,405 Crore for New Roads and Rural Connectivity

कैबिनेट ने सबसे ज्यादा बजट सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रखा है। 32,405 करोड़ रुपये की राशि से प्रदेश में नई सड़कें बनेंगी और पुरानी सड़कों व पुलों का मेंटेनेंस किया जाएगा। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों के अपग्रेडेशन के लिए 24,300 करोड़ रुपये का प्रावधान है। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के 'F-टाइप' और उससे नीचे की कैटेगरी वाले घरों की मरम्मत के लिए भी अलग से बजट दिया गया है।

Digital Madhya Pradesh: ₹1295 Crore for IT Parks and Electronics Manufacturing Clusters

आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के विकास के लिए सरकार ने 1,295 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके तहत भोपाल के बांदीखेड़ी में 209 एकड़ से ज्यादा जमीन पर एक 'इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर' बनाया जाएगा। इसके अलावा, सरकारी दफ्तरों को आपस में जोड़ने के लिए 'स्वान' (SWAN) नेटवर्क और सरकारी कर्मचारियों की आईटी ट्रेनिंग के लिए 'ई-दक्ष' प्रोग्राम भी जारी रहेगा।

आंगनवाड़ी और बच्चों के भविष्य के लिए ₹2,412 करोड़ का निवेश

Mission Vatsalya and New Anganwadis: MP Cabinet Approves ₹2412 Crore for Child Welfare

महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए सरकार ने 2,412 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इससे प्रदेश में 1,500 नई आंगनवाड़ियां बनाई जाएंगी। साथ ही, 'मिशन वात्सल्य' के तहत उन बच्चों की मदद की जाएगी जिन्हें देखभाल और सुरक्षा की जरूरत है, ताकि उन्हें अच्छी शिक्षा, खाना और घर मिल सके।

व्यापारियों की समस्याओं का होगा झटपट समाधान: बना नया 'कल्याण बोर्ड'

New State Merchant Welfare Board: MP Government’s Initiative to Solve Traders' Issues

व्यापारियों और सरकार के बीच सीधा संवाद (Direct Dialogue) स्थापित करने के लिए 'राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड' का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे और इसमें वित्त, कृषि, और उद्योग जैसे विभागों के मंत्री व अधिकारी शामिल होंगे। बोर्ड में CII, FICCI और लघु उद्योग भारती जैसे बड़े व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी सदस्य होंगे, जो व्यापारियों की दिक्कतों को दूर करने में मदद करेंगे।  इसकी मीटिंग साल में चार बार होगी ताकि व्यापारिक बाधाओं को समय पर दूर किया जा सके।

कैबिनेट मीटिंग के इंपोर्टेंट पॉइंट्स 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं:
मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण के लिए विभिन्न विभागों के लिए कुल 38,555 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं।
सड़क और बुनियादी ढांचा (Infrastructure): इस क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी राशि 32,405 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। इसमें से:
ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के निर्माण व उन्नयन के लिए 24,300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सड़क और सेतु (bridges) के संधारण के लिए 6,150 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
'एफ' टाइप और उससे नीचे की श्रेणी के सरकारी आवासों के रखरखाव के लिए 1,345 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
कृषि क्षेत्र (दलहन आत्मनिर्भरता मिशन): प्रदेश को दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' को मंजूरी दी गई है। इसके लिए आगामी 5 वर्षों (2026-2031) के लिए 2,442.04 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिसका उद्देश्य उन्नत बीजों की उपलब्धता बढ़ाना और भंडारण तकनीकों को बेहतर बनाना है।
राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन: व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकार के साथ सीधे संवाद के लिए इस बोर्ड के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे और इसमें प्रमुख व्यापारिक संगठनों (CII, FICCI, लघु उद्योग भारती आदि) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बोर्ड की बैठक हर 3 महीने में एक बार आयोजित की जाएगी।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर: सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 1,295.52 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत भोपाल के बांदीखेड़ी में 209.47 एकड़ क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जाएगा। साथ ही, सरकारी कार्यालयों को जोड़ने के लिए 'स्वान' (SWAN) नेटवर्क और अधिकारियों की ट्रेनिंग के लिए 'ई-दक्ष' कार्यक्रम जारी रहेगा।
महिला एवं बाल विकास: नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और 'मिशन वात्सल्य' के लिए 2,412 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। इससे प्रदेश में 1,500 नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाए जाएंगे और जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण व शिक्षा प्रदान की जाएगी।

आज की कैबिनेट मीटिंग पर आधारित FAQs

प्रश्न 1: मध्यप्रदेश कैबिनेट ने कुल कितनी राशि की वित्तीय स्वीकृतियां दी हैं?
उत्तर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के लिए कुल 38,555 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं।

प्रश्न 2: इन परियोजनाओं की समय-सीमा क्या तय की गई है?
उत्तर: अधिकांश बड़ी योजनाएं 16वें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) के लिए स्वीकृत की गई हैं।

प्रश्न 3: सड़कों और बुनियादी ढांचे के लिए कितना बजट रखा गया है?
उत्तर: लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क निर्माण और आवासों के रखरखाव के लिए कुल 32,405 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

प्रश्न 4: सड़क बजट का मुख्य वितरण किस प्रकार है?
उत्तर: बजट का मुख्य वितरण इस प्रकार है:
ग्रामीण और जिला मार्गों का निर्माण/उन्नयन: 24,300 करोड़ रुपये।
सड़क एवं सेतु संधारण (Maintenance): 6,150 करोड़ रुपये।
शासकीय आवासों (F-टाइप एवं नीचे) का रखरखाव: 1,345 करोड़ रुपये।
सड़क सुरक्षा कार्य: 610 करोड़ रुपये।

प्रश्न 5: "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" क्या है?
उत्तर: यह दालों के उत्पादन में वृद्धि करने और किसानों को उन्नत बीज व आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने का एक मिशन है। इसके लिए आगामी 5 वर्षों के लिए 2,442.04 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

प्रश्न 6: 'राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड' का गठन क्यों किया गया है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और सरकार व व्यापारियों के बीच सीधा संवाद (Direct Dialogue) स्थापित करना है।

प्रश्न 7: बोर्ड की संरचना क्या होगी और इसकी बैठकें कब होंगी?
उत्तर: मुख्यमंत्री इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे और इसमें विभिन्न विभागों के मंत्रियों सहित सीआईआई (CII), फिक्की (FICCI) और लघु उद्योग भारती जैसे संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बोर्ड की बैठक साल में चार बार (हर 3 माह में एक बार) आयोजित की जाएगी।

प्रश्न 8: आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए क्या खास घोषणाएं हुईं?
उत्तर: इस सेक्टर के लिए 1,295.52 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत भोपाल के बांदीखेड़ी में 209.47 एकड़ क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जाएगा।

प्रश्न 9: महिला एवं बाल विकास के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं?
उत्तर: कुल 2,412 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे प्रदेश में 1,500 नए आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण होगा और 'मिशन वात्सल्य' के जरिए जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण व शिक्षा दी जाएगी।

प्रश्न 10: 'स्वान' (SWAN) और 'ई-दक्ष' योजनाएं क्या हैं?
उत्तर: स्वान (SWAN): राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के सरकारी कार्यालयों को आपस में जोड़कर सुगम संचार सुनिश्चित करना।
ई-दक्ष: सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को आईटी एवं ई-गवर्नेंस का प्रशिक्षण देना। 
रिपोर्ट: राजेश बैन/अनुराग उइके - एडिटिंग: उपदेश अवस्थी।
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