भोपाल, 11 मई 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी में पुलिस ने अपने ही डिपार्टमेंट के कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रहेंगे हाथों पकड़ लिया। पूरी प्रक्रिया वैसे ही की गई जैसे लोकायुक्त द्वारा की जाती है। शिकायत प्राप्त हुई, शिकायत की पुष्टि की गई, ट्रैप दल का गठन किया गया और अपने कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। एडिशनल कमिश्नर आफ पुलिस श्री वाजपेई टीम को लीड कर रहे थे।
Bhopal ACP Catches Bribe-Taking Constable Red-Handed in a Trap-Like Operation
मामला मकान मालिक और किराएदार के बीच विवाद से जुड़ा है। जो पुलिस तक पहुंच गया था। आरोप है कि कोहेफिजा थाने में पदस्थ आरक्षक यशपाल तोमर विवाद सुलझाने या किराएदार के पक्ष में कार्रवाई के बदले 50 हजार रुपए मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर ने जांच के निर्देश दिए। इसके बाद एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में टीम ने आरक्षक और ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। कोहेफिजा पुलिस ने आरोपी आरक्षक को हिरासत में लिया है। ड्राइवर को पद से हटा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब मामले में थाने के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। थाना प्रभारी केजी शुक्ला के आचरण की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल ने दबाव बनाने के लिए इंस्पेक्टर शुक्ला का नाम भी लिया था। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या, इस मामले में इंस्पेक्टर शुक्ला शामिल थे या फिर क्या उनको इसके बारे में जानकारी थी।

