उज्जैन, 19 अप्रैल 2026: कुछ समय पहले सन्यासियों की दुनिया से अलग होने और बगावत का ऐलान करने वाली इवेंट एंकर हर्षा रिछारिया ने संन्यास ले लिया है। उज्जैन में उन्होंने स्वयं का पिंडदान किया और साध्वी हर्षानंदगिरी के नाम से एक नए जीवन की शुरुआत की। निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरी महाराज ने हर्षा रिछारिया को दीक्षा दी।
Harsha Richhariya Performs Her Own Pind Daan in Ujjain, Adopts New Identity as Sadhvi Harshanandgiri
उज्जैन के मंगलनाथ स्थित गंगा घाट पर मोन तीर्थ पीठ में हर्षा रिछारिया के सन्यासी जीवन का शुभारंभ हुआ। इस दौरान हर्षा की दीक्षा से पहले प्रायश्चित कर्म, शुद्धि स्नान, पिंडदान, शिखा विसर्जन जैसे सभी आवश्यक संस्कार भी पूरे किए गए। महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरी महाराज ने दीक्षा देने के बाद कहा कि हर्षानंद गिरी सनातन धर्म के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और उनकी आंतरिक भावना पहले से ही संन्यास लेने की थी जिसे उन्होंने आज पूरा किया है।
लव जिहाद के खिलाफ काम करूंगी: साध्वी हर्षानंद गिरी
मीडिया से बातचीत के दौरान हर्षा ने बताया कि जिस तरह से गुरूजी आदेश करेंगे उसी प्रकार से काम करूंगी। हर्षा ने कहा कि संन्यास के साथ ही उन्होंने लव जिहाद, धर्म परिवर्तन, और नशा मुक्ति जैसे कई मुद्दों पर काम करने का संकल्प भी लिया है। लव जिहाद को लेकर हर्षा ने कहा कि वे दो तरीके से काम करेंगी जिन्हें फंसाया जा रहा और जिन्हें manipulate करके फंसाया जा रहा है। आगे जिन योजनाओं पर काम करुंगी उसकी जानकारी जल्द साक्षा करूंगी।
हर्षा रिछारिया की लाइफ में अब तक कई ट्विस्ट आ चुके हैं। करियर की शुरुआत एक आर्टिस्ट के रूप में की थी। कई बड़ी कंपनियों के इवेंट्स में एंकरिंग की। इसके बाद उत्तराखंड में सन्यासियों के संपर्क में आई और प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई। वीडियो में हर्षा ने नकली जटाएं लगाईं थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने के बाद हर्षा ने सन्यासियों का साथ नहीं छोड़ा, लेकिन विवादित हो गई। कुछ समय पहले हर्षा ने यह सब कुछ छोड़कर अपनी पुरानी जिंदगी में वापस जाने का ऐलान कर दिया था। अब संन्यास धारण कर लिया है।
सन्यास धारण करने के 4 दिन पहले हर्ष ने अपनी पुरानी जिंदगी को याद किया और दुल्हन बनाकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया

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