भोपाल, 19 अप्रैल 2026: भोपाल नगर निगम के पूर्व कमिश्नर एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के रिटायर्ड अधिकारी श्री योगेंद्र शर्मा ने दावा किया है कि भोपाल नगर निगम द्वारा 829 कॉलोनी में उपभोक्ताओं को निजी नर्मदा कनेक्शन का जो प्रस्ताव पास किया गया है, वह प्रैक्टिकल नहीं है क्योंकि नगर निगम ने केवल प्रस्ताव पास कर दिया है। ना तो प्रोजेक्ट तैयार हुआ है और ना ही बजट का प्रावधान हो पाया है।
Bhopal Municipal Corporation Cannot Provide Private Narmada Water Connections, Claims Rtd IAS Sharma
श्री योगेंद्र शर्मा का कहना है कि भोपाल नगर निगम अपनी दम पर इस योजना का संचालन नहीं कर पाएगा। नगर निगम के पास तो नियमों में बदलाव तक का अधिकार नहीं है। इसलिए उन्होंने प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेज दिया है। केंद्र सरकार द्वारा नियमों में बदलाव किया जाएगा और भोपाल नगर निगम के नेता चाहते हैं कि केंद्र की तरफ से ही इस योजना के लिए बड़ा बजट भी मिल जाए, जिसकी संभावना बहुत कम है, क्योंकि केंद्र सरकार के पास ऐसा कोई नियम ही नहीं है जिसके तहत निजी कॉलोनीयों में बी कनेक्शन को खत्म करके सभी उपभोक्ताओं को अलग-अलग कनेक्शन दिए जाएं। यदि केंद्र ने भोपाल की मांग को मंजूर कर लिया तो देश के सभी नगर निगम ऐसी ही डिमांड भेज देंगे।
चुनावी वादा था इसलिए प्रस्ताव पास किया
भोपाल के प्रख्यात पत्रकार श्री अनूप दुबे की एक रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम चुनाव के समय वादा किया गया था कि 829 कॉलोनी के करीब 75000 परिवारों को निजी नर्मदा नल कनेक्शन दिया जाएगा। इसके लिए नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी और इस परियोजना की लागत 874 करोड रुपए बताई गई थी।
श्री योगेंद्र शर्मा का कहना है कि नगर निगम से प्रस्ताव पास करना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन राज्य सरकार से इसके लिए अप्रूवल लेना और फिर केंद्र सरकार की मंजूरी प्राप्त करना सबसे बड़ी चुनौती है। यह काम कोई पॉलिटिकल पावरफुल व्यक्ति ही कर सकता है। भोपाल शहर में 400 से ज्यादा रेजिडेंशियल सोसायटी हैं। इनकी अपनी पॉलिटिक्स है। इसके कारण भी रेजिडेंशियल सोसायटी में सभी उपभोक्ताओं को निजी नर्मदा कनेक्शन देना एक चैलेंजिंग जॉब है।

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