भोपाल, 8 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा उग्र प्रदर्शन की खबर आ रही है। गर्ल्स कॉलेज के पास खोली गई शराब की दुकान पर कार्यकर्ताओं ने पथराव किया और चक्का जाम किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। प्रदर्शन करने वाली छात्रों का कहना है कि यदि प्रशासन इस दुकान को नहीं हटाएगा तो हम दुकान को तोड़ देंगे।
Bhopal Protest News: ABVP Workers Stage Road Blockade, Stone Pelting Reported
दरअसल, आबकारी विभाग ने ज्यादा कमाई करने के लिए पूरे भोपाल शहर में प्राइम लोकेशन पर शराब की दुकानों की परमिशन दे दी है। इसी लिस्ट में एमएलबी गर्ल्स कॉलेज और एसवी को-एड कॉलेज के नजदीक खोली गई शराब की दुकान का नाम भी है। शराब की दुकान को यहां से हटाने के लिए, भोपाल के पॉलिटेक्नीक चौराहा पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बुधवार दोपहर जोरदार प्रदर्शन किया। राजा भोज सेतू से पॉलिटेक्नीक चौराहा तक का रास्ता जाम कर दिया गया, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र होता गया।
शराब दुकान पर पथराव, बोर्ड फाड़ा
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने शराब दुकान के बोर्ड पर चढ़कर उसे फाड़ दिया। इतना ही नहीं, दुकान पर पथराव भी किया गया और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। इस दौरान ट्रैफिक खुलवाने में लगे प्रशासनिक अमले और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई।
100 मीटर दायरे में शराब दुकान, नियमों पर सवाल
एबीवीपी की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य शालनी वर्मा ने आरोप लगाया कि पॉलिटेक्नीक चौराहा स्थित शराब दुकान, एमएलबी गर्ल्स कॉलेज और एसवी को-एड कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह नियमों का सीधा उल्लंघन है और इसमें प्रशासन की मिलीभगत साफ नजर आती है।
छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के बदले में पथराव किया
एबीवीपी का कहना है कि हाल ही में इस क्षेत्र में दो छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आई हैं। संगठन का आरोप है कि शराब पीकर निकलने वाले लोग छात्राओं को निशाना बनाते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में है। यही कारण है कि छात्रों में आक्रोश बढ़ा और आंदोलन उग्र हो गया।
पहले शांतिपूर्ण विरोध किया था लेकिन किसी ने सुना ही नहीं
शालनी वर्मा ने बताया कि एबीवीपी ने पहले कई बार शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन को ज्ञापन देकर शराब दुकान हटाने की मांग की थी। लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन को उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी।
मामले में एसडीएम भुवन गुप्ता ने बताया कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं से बातचीत की गई है और उनकी बातों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

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