भोपाल, 11 मार्च 2026 : रतलाम पुलिस ने रतलाम पब्लिक स्कूल में आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ी की जांच शुरू कर दी है। इस सिलसिले में रतलाम पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर संयोगिता सिंह से पूछताछ की गई। सामाजिक चर्चा में कहा जाता है कि इस स्कूल को भोपाल के एक प्रभावशाली रिटायर्ड अधिकारी श्री राजेंद्र सिंह का संरक्षण प्राप्त है जो डॉ संयोगिता सिंह के दामाद हैं।
Ratlam Public School Director Sanyogita Singh Questioned in Ongoing Probe
रतलाम पुलिस की दो टीमें अलग-अलग स्थानों पर जुटी हैं। रतलाम के सबसे बड़े परीक्षा केंद्र रतलाम पब्लिक स्कूल में पुलिस ने स्कूल की संचालिका संयोगिता सिंह से भी पूछताछ की और पूरे स्कूल का नक्शा तैयार किया, जिसमें परीक्षा के दौरान सभी कमरों, रास्तों और स्टाफ की उपस्थिति का विवरण शामिल किया गया है। रतलाम जिले के एसपी अमित कुमार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी की एक टीम भोपाल गई है, जहां वह परीक्षा से जुड़े तकनीकी साक्ष्य एकत्र करेगी। इसमें परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी डेटा और परीक्षा से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। वहीं दूसरी टीम 12 अभ्यर्थियों की तलाश में भिंड और मुरैना की तरफ गई है। पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर रतलाम पुलिस ने अपनी जांच और तेज कर दी है।
रतलाम पब्लिक स्कूल को भोपाल की बड़ी हस्ती राजेंद्र सिंह का संरक्षण
रतलाम में कहा जाता है कि, रतलाम पब्लिक स्कूल को श्री राजेंद्र सिंह का संरक्षण प्राप्त है। श्री राजेंद्र सिंह रतलाम में जिलाधिकारी रहे हैं। महिला बाल विकास विभाग में डायरेक्ट रहे हैं। रिटायर हो गए हैं लेकिन रतलाम में कहा जाता है कि भोपाल की बड़ी हस्ती है। रतलाम में यह भी बताया जाता है कि श्री राजेंद्र सिंह, रतलाम पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर डॉ संयोगिता सिंह के दामाद हैं। इस बारे में हमने जानने की कोशिश की परंतु रतलाम पब्लिक स्कूल के घोषित मोबाइल नंबर 91 90095 91222 से कोई रिस्पांस नहीं मिला। समाचार में उल्लेख इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा परीक्षा का आयोजन किया गया था जो इस प्रकार के घोटाले के लिए बदनाम है। जब ग्वालियर के एक शिक्षा संस्थान का नाम आया था तो उसका कनेक्शन भाजपा के एक प्रभावशाली नेता से निकला था।
गड़बड़ी क्या हुई है
आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024 में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। केवल एक परीक्षा केंद्र - रतलाम पब्लिक स्कूल से परीक्षा देने वाले 12 उम्मीदवारों ने 90% से अधिक प्राप्तांक हासिल किया। सबने 100 सवाल हल करने में सिर्फ आधा घंटा खर्च किया। बाकी समय आराम से बैठे रहे। कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा 12 कैंडिडेट्स के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। अब इनके हेल्पर की तलाश की जा रही है।
5 फरवरी को रिजल्ट जारी होने से पहले मंडल ने हाई पर्सेंटाइल वाले टॉपर्स का डेटा चेक किया। पता चला कि ये 12 अभ्यर्थी पहले पुलिस भर्ती और अन्य परीक्षाओं में भी बैठे थे, लेकिन तब इनके 50 अंक भी नहीं आए थे। आबकारी भर्ती में अचानक इन्होंने 90 से ज्यादा अंक (100 पर्सेंटाइल) हासिल कर लिए। सीसीटीवी और एग्जामिनेशन डेस्क के डेटा से साफ हुआ कि इन्हें केंद्र पर किसी एक व्यक्ति ने मदद की है। हैरत की बात है कि ये 12 लोग एक ही दिन नहीं, बल्कि अलग-अलग तारीखों और अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा दे रहे थे। इसके बावजूद सबका मददगार एक ही व्यक्ति था और सबका सेंटर एक ही था। यह 'ऑर्गेनाइज्ड क्राइम' की ओर इशारा करता है।
रतलाम पब्लिक स्कूल को पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया था
मंडल ने पहली बार ‘रतलाम पब्लिक स्कूल’ को परीक्षा केंद्र बनाया और पहले ही प्रयास में वहां से 12 ‘सस्पेक्टेड टॉपर’ निकल आए। सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि हुई है कि इन सभी को एक ही बाहरी व्यक्ति द्वारा गाइड किया जा रहा था। यहां क्लिक करके इस घटनाक्रम के बारे में विस्तार से पढ़ सकते हैं। मंडल अब इस बात की जांच कर रहा है कि इस स्कूल को सेंटर बनाने की सिफारिश किसने की थी और इसके पीछे कौन सा ‘सिंडिकेट’ सक्रिय है।

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