सिडनी/वाशिंगटन, 15 मार्च 2026 : ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में आजकल बॉडी फैट कम करने, मसल्स बनाने और स्किन ट्रीटमेंट के लिए सोशल मीडिया पर इंजेक्टेबल पेप्टाइड्स (Injectable Peptides) को काफी प्रमोट किया जा रहा है। विज्ञापन के अलावा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंस के माध्यम से इंजेक्टेबल पेप्टाइड्स के प्रति विश्वास पैदा किया जा रहा है और बताया जा रहा है कि इस इंजेक्शन से आपके शरीर में तेजी से परिवर्तन आते हैं और आप कहीं ज्यादा आकर्षक और जवान दिखाई देते हैं। आईए जानते हैं कि यह इंजेक्टेबल पेप्टाइड्स क्या है और विशेषज्ञ इसके बारे में क्या कहते हैं।
अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की सोशल मीडिया में क्या चल रहा है
इंस्टाग्राम और टिकटोक के माध्यम से इनका सबसे ज्यादा प्रमोशन किया जा रहा है। इन्फ्लुएंस की बाढ़ आ गई है। प्रत्येक 10 में से दो इनफ्लुएंसर इसके बारे में बात कर रहे हैं। ज्यादातर इनफ्लुएंसर बता रहे हैं:-
- वजन घटाने के लिए GLP-1 स्टाइल पेप्टाइड्स।
- मांसपेशियों की वृद्धि और रिकवरी के लिए CJC-1295 और Ipamorelin जैसे पेप्टाइड्स।
- जवां त्वचा और टैनिंग के लिए कॉपर पेप्टाइड्स और मेलानोटन (Melanotan)।
का उपयोग करना चाहिए। सोशल मीडिया के माध्यम से ही ऑर्डर कलेक्ट किए जा रहे हैं। कुछ वेबसाइट पर तो स्पष्ट रूप से "केवल प्रयोगशाला अनुसंधान के लिए" या "मानव उपभोग के लिए नहीं" जैसे डिस्क्लेमर लिखे गए हैं। लेकिन इनफ्लुएंस में आए हुए लोग यह देखते हुए भी न केवल खरीद रहे हैं बल्कि उपयोग भी कर रहे हैं। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में लोग सोशल मीडिया के माध्यम से प्रमोट किया जाने वाले पेप्टाइड्स को खरीद कर खुद ही इंजेक्ट कर रहे हैं। यानी मेडिकल सिस्टम को कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है।
इंजेक्टेबल पेप्टाइड्स क्या है
यह अमीनो एसिड की एक छोटी श्रृंखला है। जो मानव शरीर के अंदर प्रोटीन के building blocks के रूप में काम करती है। यह शरीर को विशेष प्रकार के संकेत देती है। आप इसको पहचानते हैं क्योंकि, इंसुलिन भी एक पेप्टाइड्स है। इसके अलावा तेजी से वजन घटाने का दावा करने वाली Ozempic भी एक पेप्टाइड्स है। यह मनुष्य के शरीर के लिए काफी उपयोगी होते हैं लेकिन केवल तब जब यह मेडिकल एक्सपर्ट्स के द्वारा प्रमाणित हो और regulated हों। सोशल मीडिया पर ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में जो ट्रेंड कर रही हैं वह unregulated पेप्टाइड्स हैं। और जो कुछ भी unregulated होता है उस पर डाउट करना जरूरी है।
Quick-Fix Body Trend? The Real Story Behind Unregulated Injectable Peptides and Influencer Hype
इनका ट्रायल केवल जानवरों पर किया जाता है, क्योंकि मनुष्यों पर ट्रायल करने की परमिशन नहीं मिलती। इसलिए मानव शरीर के लिए जो कुछ भी कहा जाता है वह सब अंदाजा है। कोई भी गारंटी के साथ नहीं कह सकता की यह मानव शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं है।
ग्रे मार्केट से खरीदे गए इंजेक्शन में heavy metals हो सकते हैं। इनको बनाते समय जिन केमिकल्स का उपयोग किया गया है उनके बैलेंस में गड़बड़ हो सकती है। भारत में रसोई गैस पर गर्म करके खांसी की दवाई बनाई जा रही थी। केमिकल बैलेंस बिगड़ जाने के कारण 100 से ज्यादा बच्चों की मृत्यु हुई।
पेप्टाइड्स, मूल रूप से खून ले जाने वाली नसों को प्रभावित करते हैं और उनको उत्तेजित भी कर सकते हैं। यदि रक्त वाहिकाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ हुई तो कैंसर और मौत सामान्य बात है।
लोग इन बातों को समझते क्यों नहीं
सबसे पहली बात तो यह कि इनके विज्ञापन इतने आकर्षक होते हैं कि, उनके फोटो वीडियो देखने के बाद हर कोई बड़ी आसानी से इंजेक्टेबल पेप्टाइड्स लेने के लिए प्रेरित हो सकता है। यहां तक कि वह भी जो समझता है कि कोई खतरा हो सकता है, रिस्क लेने के लिए तैयार हो जाता है।
जब एक इंजेक्शन से काम चल रहा है तो फिर कोई जिम में पैसा और समय क्यों बर्बाद करेगा
ग्रे मार्केट के माध्यम से कारोबार करने वाली कंपनियां बड़ी ही चतुराई के साथ इंस्टाग्राम और टिकटोक पर इन्फ्लुएंस के माध्यम से अपना प्रचार कर रही हैं। इन्होंने 14 से 16 साल के किशोर बच्चों को टारगेट किया है और ग्रे मार्केट के माध्यम से अपने प्रोडक्ट की बिक्री कर रहे हैं। यानी किसी भी चरण में कानूनी प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहे हैं लेकिन अपना कारोबार इस तरह से कर रहे हैं कि यदि इनको पकड़ा जाए तो इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं कर पाएंगे। 14 से 16 साल की किशोर बच्चे सामान्य तौर पर भावनात्मक निर्णय लेते हैं। इस उम्र में वह जजमेंटल हो जाते हैं और सोशल मीडिया के इनफ्लुएंस में रहते हैं।Regulatory Status and Future
ऑस्ट्रेलिया में TGA ने स्पष्ट किया है कि अननुमोदित (unapproved) पेप्टाइड्स की सुरक्षा और गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं है। अमेरिका में भी FDA ने 2023 के अंत में सुरक्षा चिंताओं के कारण कई पेप्टाइड्स को 'कंपाउंडिंग' के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। हालांकि, हाल ही में अमेरिकी स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने पेप्टाइड्स पर लगे प्रतिबंधों को खत्म करने और उन्हें अधिक सुलभ बनाने का वादा किया है, भले ही उनके पास पर्याप्त नैदानिक डेटा की कमी हो।
डॉ भावना दुबे का कहना है कि:-
बिना डॉक्टर की सलाह और निगरानी के किसी भी प्रकार के इंजेक्टेबल पेप्टाइड का उपयोग करना जानलेवा हो सकता है। सोशल मीडिया पर दिखने वाले 'क्विक फिक्स' आपकी सेहत के लिए एक बड़ा जोखिम साबित हो सकते हैं।

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