भोपाल समाचार, 9 मार्च 2026 : मध्य प्रदेश में आजकल मौसमी बीमारियों का दौर चल रहा है। लोगों को 104 डिग्री तक बुखार आ रहा है। OPD के लिए अस्पताल जाना है और अस्पताल अक्सर काफी दूर होते हैं। इसलिए हम आपको पहले ही बता दे रहे हैं कि मध्य प्रदेश में 8000 जूनियर डॉक्टर ने हड़ताल शुरू कर दी है। OPD बंद करने का ऐलान किया है। यदि आप अस्पताल जा रहे हैं तो कृपया पता कर लेना और इस न्यूज़ में पढ़िए कि हड़ताल के दौरान किस तरह के मरीज को इलाज मिलेगा।
Patients Alert: Junior Doctors’ Strike Starts in Madhya Pradesh Hospitals
जूनियर डॉक्टरों की लड़ाई सरकार से है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JuDA) का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं तब तक वे ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे। ऐसी स्थिति में उन अस्पतालों में जहां पर OPD के लिए सीनियर डॉक्टर नहीं हैं। वहां के मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जहां पर सीनियर डॉक्टर उपलब्ध है वहां पर भी लंबी लाइन लगेगी। JuDA ने यह भी साफ किया कि ऑपरेशन थिएटर (OT) में भी सिर्फ अति गंभीर मरीज होने पर ही सेवा देंगे। यानी प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों में हर्निया, रॉड इंप्लांट जैसे सामान्य ऑपरेशन टल सकते हैं। इसका सीधा असर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर पड़ेगा।
अप्रैल 2025 से मिलना था नया स्टाइपेंड, अब तक पेंडिंग
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के अनुसार, सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन शासन के आदेश के अनुसार एक अप्रैल 2025 से लागू होना था। यह अब तक लागू नहीं किया है। कई बार निवेदन के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। इससे डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
JDA के नेतृत्व में करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न इस हड़ताल में शामिल हैं। विशेषज्ञों की माने तो यह सभी किसी मेडिकल कॉलेज की रीढ़ माने जाते हैं। जो ना केवल मेडिकल कॉलेजों का 70 प्रतिशत भार उठाते हैं बल्कि मरीजों के इलाज से लेकर उनकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी तक निभाते हैं। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
आदेश के बावजूद संशोधन नहीं जेडीए से डॉ. ब्रिजेंद्र ने कहा कि मध्य प्रदेश शासन के 7 जून 2021 के आदेश अनुसार, सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन एक अप्रैल 2025 से लागू होना था। इसके बावजूद अब तक न तो संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है और न ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान किया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
एचओडी और डीन को सौंपा ज्ञापन JDA से डॉ. ब्रिजेंद्र ने कहा, प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को डीन और सभी विभागों के एचओडी (हेड ऑफ डिपार्टमेंट) को पत्र सौंप दिए गए हैं। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि सुबह 9 बजे से सभी रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न हड़ताल पर बैठेंगे। आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा ओपीडी समेत सभी इलेक्टिव सर्विसेज का बहिष्कार करेंगे।
सब कुछ किया लेकिन सरकार हड़ताल से पहले सुनती कब है
काली पट्टी लगाकर कर रहे तीन दिन से विरोध जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में डॉक्टरों ने प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों में शुक्रवार से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। पिछले तीन दिनों से काली पट्टी लगाकर काम कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य जिम्मेदारों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करना है।
आदेश के क्रियान्वयन की मांग जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि उनका आंदोलन केवल शासन के पहले से जारी आदेश के क्रियान्वयन और लंबित एरियर के भुगतान की मांग को लेकर है। यदि सरकार जल्द निर्णय लेती है तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा, लेकिन मांगों की अनदेखी होने पर विरोध को आगे और तेज किया जा सकता है।

