इंदौर, 6 मार्च 2026 (राजेश्वरी आनंद): यंग एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका में जूनियर एडवोकेट्स को मिनिमम मंथली स्टाइपेंड फिक्स करने की मांग की गई है। मामले की पैरवी एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश सिंह भदौरिया करेंगे।
PIL Filed Seeking Minimum Monthly Stipend Scheme for Junior Advocates in Madhya Pradesh
यंग एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव मानवर्धन सिंह तोमर ने बताया कि इससे पहले भी युवा अधिवक्ताओं को स्टायपेंड दिए जाने का मुद्दा राज्य सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपा था। हमने शहरी क्षेत्र में अधिवक्ताओं को ₹20000 और ग्रामीण क्षेत्र में ₹15000 फिक्स मंथली स्टाइपेंड देने की मांग की थी। हमारी मांग को प्रदेश भर के 12 हजार से अधिक अधिवक्ताओं ने समर्थन दिया था। अब तक इसे लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण मामला न्यायालय के समक्ष लाया गया है। प्रदेश भर में इस युवा कैटेगरी के 35 हजार से ज्यादा अधिवक्ता हैं।
याचिका में की गई प्रमुख मांगें
जूनियर अधिवक्ताओं के लिए न्यूनतम मासिक स्टायपेंड योजना तैयार कर उसे लागू करने के निर्देश दिए जाए।
नीति बनाते समय बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा सुझाए गए मानकों को अपनाने पर विचार किया जाए।
इसके तहत शहरी क्षेत्रों में 20 हजार रु. प्रति माह और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 हजार रु. प्रति माह स्टायपेंड निर्धारित किया जाए।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पात्रता मानदंड, सत्यापन तंत्र और बजट प्रावधान तय किए जाएं।
अधिवक्ता पेशे के शुरुआती वर्षों में अधिकांश युवा वकीलों को गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में यदि न्यूनतम स्टाइपेंड योजना लागू होती है तो उन्हें पेशे में स्थिरता मिलेगी और न्याय व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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