भोपाल, 10 मार्च 2026 : महिलाओं से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर 11 मार्च 2026 को भोपाल में जनसुनवाई करेंगी। इस जनसुनवाई का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। यदि तत्काल समाधान संभव ही ना हो तो उसे एक सप्ताह के भीतर सॉल्व किया जाए।
Public Hearing in Bhopal for Women Victims from Across Madhya Pradesh
श्रीमती राहटकर दोपहर 1.30 बजे शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक चौराहा, भोपाल में महिलाओं से संबंधित विभिन्न शिकायतों और समस्याओं को सीधे सुनेंगी। जनसुनवाई में महिलाओं को अपनी समस्याएँ और शिकायतें सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके मामलों के शीघ्र समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग इस प्रकार की शिकायतों की सुनवाई कर सकता है
राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women - NCW) राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 की धारा 10 के तहत महिलाओं के अधिकारों से वंचित करने या उनके उत्पीड़न/अन्याय से संबंधित शिकायतों की जांच और सुनवाई कर सकता है। यह आयोग मुख्य रूप से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों, भेदभाव और अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करता है।
आयोग मुख्य रूप से निम्न प्रकार की शिकायतों पर विचार करता है
- बलात्कार / बलात्कार का प्रयास (Rape / Attempt to rape)
- एसिड अटैक (Acid Attack)
- यौन उत्पीड़न / हमला (Sexual Assault / Harassment)
- स्टॉकिंग / वॉयरिज्म (Stalking / Voyeurism)
- महिलाओं की तस्करी / वेश्यावृत्ति (Trafficking / Prostitution of women)
- महिलाओं की लज्जा भंग / छेड़छाड़ (Outraging modesty / Molestation)
- साइबर अपराध महिलाओं के खिलाफ (Cyber crimes against women)
- घरेलू हिंसा (Domestic Violence)
- दहेज उत्पीड़न / दहेज हत्या (Dowry Harassment / Dowry Death)
- द्विविवाह / बहुपत्नीत्व (Bigamy / Polygamy)
- परित्याग / क्रूरता द्वारा पति/ससुराल (Desertion / Cruelty by husband/in-laws)
- पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने से इनकार या पुलिस की उदासीनता (Police Apathy / Refusal to register FIR)
- कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (Sexual harassment at workplace)
- मातृत्व लाभ से वंचित करना (Denial of Maternity Benefits)
- लिंग भेदभाव (Gender Discrimination)
- अपहरण (Abduction)
- आपराधिक धमकी / हमला (Criminal Intimidation / Assault)
- गर्भपात कराने के लिए मजबूर करना (Causing Miscarriage)
- अन्य महिलाओं के अधिकारों से वंचित करने वाले मामले (Deprivation of women's rights)
ऐसी सभी महिलाएं जो उपरोक्त मामलों में पीड़ित हैं और उनको न्याय नहीं मिल रहा है। सरकारी स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसी सभी महिलाएं राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई में अपनी शिकायत के साथ उपस्थित हो सकती हैं। यदि कोई पत्रकार अथवा एक्टिविस्ट, महिलाओं के प्रति अपराध के मामले में जानता है तो वह राष्ट्रीय महिला आयोग के संज्ञान के लिए अपनी न्यूज़ रिपोर्ट का प्रकाशन कर सकते हैं अथवा स्वयं भी उपस्थित हो सकते हैं।

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