भोपाल, 31 मार्च 2026: समाज में जब इंदौर और भोपाल पुलिस की तुलना होती है तो हमेशा भोपाल पुलिस को संवेदनशील माना जाता है। यदि कोई अस्पताल जा रहा है, महिला अपने बच्चों के साथ जा रही है तो उसको परेशान नहीं करते, लेकिन भोपाल ट्रेफिक पुलिस की यह मानवीय इमेज तोड़ने वाली खबर आई है। एक गर्भवती महिला ने आरोप लगाया है कि जब वह एम्स अस्पताल जा रही थी तब उसको रोका, अभद्र व्यवहार किया, मोबाइल छीन लिया और अवैध वसूली भी की।
Illegal Extortion Alleged in Bhopal: Pregnant Woman Harassed, Husband’s Phone Snatched
पीड़िता ने अपना नाम सविता बताया है। महिला ने बताया कि उसने यह शिकायत पुलिस की वरिष्ठ अधिकारियों से भी की है। महिला का आरोप है कि सोमवार को वह अपने पति आयुष श्रीवास्तव के साथ सोनोग्राफी कराने के लिए एम्स जा रही थी। इसी दौरान मिसरोद थाने के पास पुलिस ने उसकी गाड़ी रोकी। पुलिस ने ओवर स्पीड का हवाला देते हुए 5000 रुपये की डिमांड की। जिसके बाद महिला के पति ने कहा कि हमारे साथ एक मरीज है हम उसे लेकर एम्स जा रहे हैं। जिस कारण से मैं गाड़ी तेज गति से चला रहा था।
महिला ने बताया कि इसके बाद भी पुलिसकर्मी नहीं माने और गर्भवती महिला और उसके परिवार के साथ अभद्रता करने लगे। महिला ने बताया कि इस दौरान चार ट्रैफिक पुलिस वाले थे। महिला ने कहा कि मेरे पति ने जल्दी अस्पताल पहुंचने की बात कही लेकिन इसके बाद भी पुलिसकर्मियों ने हमें नहीं छोड़ा। जिस कारण से हमें काफी तकलीफ हुई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी करते हुए मेरे पति से 700 रुपये ले लिए।
मोबाइल और 760 रुपए छीन लिए
महिला के पति आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रैफिक पुलिसवालों ने जबरन मेरे पास से 760 रुपये छीन लिए। इसके साथ ही जब मैंने अपने भाई को फोन करने की कोशिश की तो उन्होंने मेरा मोबाइल भी छिन लिया और बदसलूकी की। महिला ने कहा कि इस दौरान हमें काफी परेशानी हुई हमारे साथ एक छोटा बच्चा भी था। महिला ने इस मामले की शिकायत पुलिस में की है। महिला ने इस मामले में पुलिस से न्याय की मांग की है। पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत डीसीपी ट्रैफिक और पुलिस आयुक्त से मामले का आवेदन दिया है। हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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