भोपाल के ऑल सेंट कॉलेज में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के उम्मीदवारों को नकल करवाई

Updesh Awasthee
भोपाल, 20 मार्च 2026
: रतलाम पब्लिक स्कूल के बाद अब भोपाल के ऑल सेंट कॉलेज में भी व्यापम घोटाला पकड़ा गया है। कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा आयोजित पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के चुनिंदा उम्मीदवारों को नकल करवाई गई। उम्मीदवार अलग, परीक्षा का दिन और समय अलग लेकिन परीक्षा का सेंटर सिर्फ एक ही था, ऑल सेंट कॉलेज भोपाल। बिल्कुल वैसे ही जैसे रतलाम पब्लिक स्कूल।

ईएसबी के एआई टूल ने गड़बड़ी पकड़ी

ईएसबी के एआई टूल ने इस पैटर्न को रेड फ्लैग किया। इसके बाद की जांच में भोपाल के एयरपोर्ट रोड स्थित ऑल सेंट कॉलेज सेंटर पर नकल का खेल सामने आया। मंडल ने सभी 14 अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट से पहले ही प्रक्रिया से बाहर कर दिया। 25 जनवरी 2026 को घोषित प्रथम चरण के परिणाम के समय इनके रोल नंबर ब्लॉक कर दिए गए और कॉल लेटर जारी नहीं किए गए, ताकि चयन प्रक्रिया विवाद में न फंसे।

संदिग्ध अभ्यर्थी भिंड, मुरैना और ग्वालियर के

जांच में सामने आया कि अधिकांश संदिग्ध अभ्यर्थी भिंड, मुरैना और ग्वालियर क्षेत्र के हैं। मामला स्टेट साइबर सेल को सौंपा गया है, जो यह जांच कर रही है कि परीक्षा के दौरान प्रश्न बाहर कैसे पहुंचे। आशंका है कि रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर या कंप्यूटर मिररिंग के जरिए बाहर से मदद ली गई।

रिस्पांस टाइम से डाउट हुआ

गणित और रीजनिंग के कठिन सवालों के जवाब 2-3 सेकंड में दिए गए। इतने कम समय में सवाल पढ़ना, समझना और सही विकल्प चुनना सामान्य मनुष्य के लिए संभव ही नहीं है।

सही तो सही गलत जवाब भी एक जैसे थे

एआई ने देखा कि अलग-अलग शिफ्ट में बैठे अभ्यर्थियों के जवाब देने का तरीका एक जैसा है? इन 14 अभ्यर्थियों ने कठिन सवालों के सही जवाब दिए और जिन 2-3 सवालों के गलत जवाब दिए, वे भी बिल्कुल एक जैसे थे।

जिसको पास होने के लाले पढ़ते थे वह अचानक 98%

जिन अभ्यर्थियों का पिछला एकेडमिक रिकॉर्ड औसत था, उनका अचानक 98 से 100 पर्सेंटाइल तक पहुंचना भी जांच का आधार बना। एआई ने इस अंतर को रेड फ्लैग की तरह चिह्नित किया।

सीसीटीवी रिकॉर्ड में चार संदिग्ध मिले

अभ्यर्थियों की लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज को एआई ने सिंक किया। फुटेज में लैब के भीतर 4 बाहरी संदिग्धों की मौजूदगी व अभ्यर्थियों की स्क्रीन के पास उनकी गतिविधियों को पहचाना।

सब कुछ अलग लेकिन केंद्र एक ही था

इस धांधली की गहराई नापने के लिए मंडल ने रिटायर्ड आईएएस और आईपीएस अफसरों की एक 5-सदस्यीय हाई-पावर कमेटी बनाई थी। कमेटी ने एआई से मिले डेटा का विश्लेषण किया तो पता चला कि ये 14 अभ्यर्थी अलग-अलग दिनों और मल्टीपल शिफ्टों में परीक्षा दे रहे थे, लेकिन सबका मददगार एक ही सेंटर था। सीसीटीवी फुटेज ने पुष्टि कर दी कि लैब के भीतर 4 संदिग्ध बाहरी लोग इन अभ्यर्थियों की स्क्रीन के पास मंडरा रहे थे।

रतलाम पब्लिक स्कूल जैसा ही हुआ है

यह साजिश आबकारी आरक्षक भर्ती-2024 में भी दिखी थी। तब ‘रतलाम पब्लिक स्कूल’ सेंटर पर 12 अभ्यर्थियों ने 30 मिनट में ही नकल के सहारे सारा पेपर सॉल्व किया था।
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