भोपाल समाचार, 18 मार्च 2026: मध्य प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने आज फिर एक ऐसा बयान दे दिया जिसके कारण आने वाले दिनों में सरकार परेशान रहेगी। जब नियमित शिक्षकों ने TET मामले में उनसे मदद मांगी तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शिक्षकों की प्रॉब्लम है, उनको खुद लड़ना पड़ेगा। सरकार उनका साथ नहीं देगी। यहां उल्लेख करना जरूरी है की प्रमोशन में आरक्षण मामले में, सरकार का रवैया ऐसा नहीं था।
ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर ने बताया कि संगठन ने मंत्री और विभागीय सचिव डॉ. संजय गोयल से मुलाकात कर समाधान निकालने का आग्रह किया है। संगठन की मांग है कि अन्य राज्यों की तरह सरकार खुद रिव्यू पिटीशन लगाए या केंद्र सरकार पर दबाव बनाकर अध्यादेश के जरिए आरटीई एक्ट में संशोधन कराया जाए। यहां उल्लेख करना जरूरी है की सबसे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में रिव्यू पिटीशन फाइल कर दी है।
इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव संजय गोयल ने तो, आश्वासन दिया है कि अभ्यावेदन का परीक्षण कराया जाएगा और रिव्यू पिटीशन पर निर्णय लेने से पहले शासकीय अधिवक्ता और विधि विभाग से राय ली जाएगी। लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इस स्पष्ट रूप से कह दिया कि, सुप्रीम कोर्ट का फैसला शिक्षकों के खिलाफ आया है, इसलिए रिव्यू पिटीशन भी शिक्षकों को ही दायर करनी चाहिए।

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