भोपाल समाचार, 26 फरवरी 2026 : गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट रोशनी कलेश की संदिग्ध के मामले में मध्य प्रदेश सरकार और आदिवासी वर्ग का नेतृत्व कर रही विधायक सेना पटेल आमने-सामने आ गए हैं। महिला विधायक ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी परंतु सरकार ने उनकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया। महिला विधायक ने चेतावनी दी है कि, यदि सीबीआई जांच नहीं हुई जो आदिवासी वर्ग उग्र आंदोलन करेगा। उल्लेखनीय है कि 27 फरवरी को मुख्यमंत्री मोहन यादव अलीराजपुर जा रहे हैं।
MBBS स्टूडेंट रोशनी कलेश की मौत के मामले में सीबीआई जांच क्यों चाहिए
जोबट विधायक सेना पटेल ने इस मामले को विधानसभा में उठाया। बड़वानी विधायक राजेंद्र मंडलोई ने महिला विधायक की मांग का समर्थन किया। दोनों विधायकों ने सदन को बताया कि किस प्रकार से गांधी मेडिकल कॉलेज के मैनेजमेंट और भोपाल की पुलिस ने एक फिक्स माइंडसेट के साथ कार्रवाई की है। परिवार की अनुपस्थिति में पोस्टमार्टम कर दिया गया। घर वाले छात्र की डेड बॉडी का ठीक प्रकार से परीक्षण भी नहीं कर पाए। दोनों विधायकों का कहना था कि आदिवासी समाज को भोपाल पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। इसलिए हम चाहते हैं कि इस मामले की सीबीआई जांच की जाए।
सरकार ने आदिवासियों की मांग को सिरे से खारिज कर दिया
विधानसभा में सरकार का पक्ष रखते हुए राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने सीबीआई जांच की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए हमने SIT का गठन कर दिया है और इस तरह की आत्महत्या के मामलों की जांच के लिए SIT पर्याप्त है।
तो फिर आदिवासी उग्र आंदोलन करेंगे
जोबट विधायक सेना पटेल ने विधानसभा को बताया कि आदिवासी वर्ग, भोपाल पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है। वह इस मामले में निष्पक्ष जांच चाहते हैं। यदि सीबीआई जांच नहीं करवा सकते हैं तो मजिस्ट्रेट इंक्वारी या फिर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से मामले की जांच करवाई जानी चाहिए। आदिवासी वर्ग जो सवाल उठा रहा है उसका जवाब मिलना चाहिए। लेकिन जब सरकार ने लगातार तीसरी बार सीबीआई जांच से इनकार किया तो विधायक सेना पटेल ने सदन को बताया कि यदि उनकी मांग नहीं मांगी तो आदिवासी वर्ग, उग्र आंदोलन करेगा। रिपोर्ट: नवीन निश्चल, एडिटिंग: उपदेश अवस्थी।

.webp)