शिवपुरी, 1 फरवरी 2026: भारत में अपराध की शिकायत दर्ज करवाने के लिए पुलिस थाने होते हैं और न्याय के लिए अदालतों का गठन किया गया है लेकिन शिवपुरी में एक गांव की पंचायत में खुद को अदालत मान लिया। पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज किया तो पंचायत ने बलात्कार के आरोपी शिक्षक को निर्दोष घोषित कर दिया। सिर्फ इतना ही नहीं, पंचायत में अपने फैसले की सूचना पुलिस अधीक्षक को दी और निर्देशित किया कि आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार न किया जाए।
सरकारी शिक्षक चंद्रशेखर राय के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज
शनिवार 1 फरवरी को पुलिस अधीक्षक शिवपुरी के कार्यालय में ग्राम पंचायत वीरा के सरपंच श्री रवि कुमार राय, कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे। ग्रामीणों में एक व्यक्ति श्री सुरेश राय भी थे। सरपंच ने पत्रकारों को बताया कि, 35 साल की एक महिला ने सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षक श्री चंद्रशेखर राय के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज करवाया है। उसने बताया है की घटना 26 जनवरी की है। घटना के तत्काल बाद महिला पुलिस के पास पहुंच गई थी। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर जांच की और उसके बाद 30 जनवरी को मामला दर्ज किया।
ग्राम पंचायत का न्याय
सरपंच श्री रवि कुमार राय ने बताया कि, इस मामले को लेकर गांव में पंचायत बैठी थी। पंचायत का मत है कि यह मामला आपसी पैसों के लेन-देन के विवाद से जुड़ा है, जिसे गलत तरीके से दुष्कर्म का रूप देकर दर्ज कराया गया है। जिस दिन की घटना दर्ज कराई गई है, उस दिन शिक्षक गांव में मौजूद नहीं था। इस संबंध में पंचायत में चर्चा और तथ्य भी प्रस्तुत किए गए हैं। पंचायत में सभी पक्षों को सुनने के बाद शिक्षक को निर्दोष माना गया।
पंचायत के फैसले की पुलिस अधीक्षक को सूचना
ग्राम पंचायत ने अपने फैसले की, पुलिस अधीक्षक को विधिवत सूचना दी है। इसमें पुलिस अधीक्षक को पंचायत के फैसले के बारे में बताया गया है और निवेदन सहित निर्देशित किया गया है कि, बलात्कार के आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार न किया जाए क्योंकि पंचायत में उसे बरी कर दिया है।

