नई दिल्ली, 2 फरवरी 2026: भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिनांक 1 अप्रैल 2026 से लेकर 31 मार्च 2027 तक के लिए बजट प्रस्तुत कर दिया है। हर बजट की तरह इस बजट में भी किसी को खुशी और किसी को गम दिया है। इस न्यूज़ आर्टिकल में हम बता रहे हैं कि बजट 2026 से सरकारी कर्मचारियों को क्या फायदा और क्या नुकसान होगा:-
बजट 2026 से सरकारी कर्मचारियों को यह फायदे मिलेंगे
बजट में सरकारी कर्मचारियों को कोई डायरेक्ट बेनिफिट नहीं दिया गया है। वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ते (DA) या मानक कटौती (Standard Deduction) में किसी विशेष बदलाव का उल्लेख नहीं है, लेकिन बजट में कुछ प्रावधान ऐसे हैं जो कर्मचारी की लाइफ को फायदा पहुंचाएंगे:-
1. Disability pension for the armed forces
• सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary personnel) के उन सदस्यों के लिए विकलांगता पेंशन पर विशिष्ट छूट का प्रस्ताव है, जिन्हें सेवा के दौरान हुई किसी शारीरिक विकलांगता के कारण सेवा से बाहर (invalidated out) कर दिया गया है। यह छूट सेवा के तत्वों और विकलांगता तत्वों दोनों को कवर करेगी।
2. The provisions of the recognized provident fund will be amended.
• सरकार ने मान्यता प्राप्त भविष्य निधि (Recognized Provident Fund - RPF) से संबंधित प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसमें नियोक्ता के योगदान पर मौजूदा प्रतिशत-आधारित सीमाओं को हटाकर और वेतन-संबद्ध रियायतों (salary-linked relaxations) को समाप्त करके इसे EPFO के प्रचलित मानदंडों के अनुरूप बनाया जाएगा।
3. The new income tax act and simplification
आयकर अधिनियम, 1961 की व्यापक समीक्षा पूरी हो चुकी है और 'आयकर अधिनियम, 2025' 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। नियमों और फॉर्मों को इस तरह से फिर से डिजाइन किया गया है कि सामान्य नागरिक और कर्मचारी बिना किसी कठिनाई के कर अनुपालन (compliance) कर सकें।
4. Relief by TCS for travel and education
यदि कर्मचारी विदेश यात्रा (overseas tour package) की योजना बनाते हैं या विदेश में शिक्षा/चिकित्सा के लिए पैसा भेजते हैं, तो TCS की दर को 5% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव है। इससे उनके खर्चों में तत्काल नकद प्रवाह (cash flow) की बचत होगी।
5. Ease of living and health
कैंसर की 17 दवाओं और दुर्लभ बीमारियों के लिए दवाओं पर बुनियादी सीमा शुल्क (Customs Duty) से छूट दी गई है, जिससे इलाज सस्ता होगा।
• व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क की दर को 20% से घटाकर 10% करने का प्रस्ताव है।
• प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए एक गर्ल्स हॉस्टल स्थापित किया जाएगा, जिससे उन कर्मचारियों को लाभ होगा जिनकी बेटियाँ उच्च शिक्षा (STEM) प्राप्त करने के लिए किसी दूसरे शहर में जाने वाली हैं और वहां उन्हें गर्ल्स हॉस्टल की जरूरत पड़ेगी।
बजट 2026 से कर्मचारियों को क्या नुकसान होंगे
आमतौर पर बजट में सरकारी कर्मचारी वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी या 'स्टैंडर्ड डिडक्शन' (Standard Deduction) की सीमा बढ़ने की उम्मीद करते हैं। इस बजट भाषण में इन विषयों पर किसी विशिष्ट बदलाव का उल्लेख नहीं है, जिसे बढ़ती महंगाई के संदर्भ में कुछ कर्मचारी एक अवसर की कमी या सापेक्ष नुकसान मान सकते हैं।
1. Changes to recognized provident fund rules
सरकार ने RPF के प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने और उन्हें EPFO के मानदंडों के अनुरूप लाने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत नियोक्ता के योगदान पर मौजूदा प्रतिशत-आधारित सीमाओं को हटाने और वेतन-संबद्ध रियायतों (salary-linked relaxations) को समाप्त करने की बात कही गई है। जिन कर्मचारियों को लगता है कि पुराने नियम अधिक लाभप्रद थे, तो यह बदलाव ऐसे कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि के लाभों को सीमित कर सकता है।
2. The end of deductions on investment income
अब लाभांश (dividend) या म्यूचुअल फंड की इकाइयों से होने वाली आय अर्जित करने के लिए किए गए किसी भी ब्याज व्यय (interest expenditure) पर कोई टैक्स कटौती (deduction) नहीं मिलेगी। भारत में सरकारी कर्मचारियों का एक बहुत बड़ा वर्ग शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड में इनवेस्ट करता है।
3. Higher costs for trading in the stock market
जो कर्मचारी अपनी बचत को शेयर बाजार (F&O सेगमेंट) में निवेश करते हैं, उनके लिए प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ाने का प्रस्ताव है। फ्यूचर्स (Futures) पर STT को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस (Options) पर इसे 0.15 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव दिया गया है।
3. Fee for revised return
आयकर रिटर्न में सुधार या संशोधन (Revised Return) करने की समय सीमा तो बढ़ाई गई है, लेकिन 31 दिसंबर के बाद 31 मार्च तक रिटर्न संशोधित करने के लिए अब एक मामूली शुल्क (nominal fee) देना होगा।
4. Tax burden on share buybacks
कंपनियों द्वारा शेयरों के बायबैक से प्राप्त राशि को अब लाभांश के बजाय 'पूंजीगत लाभ' (Capital Gains) के रूप में कर योग्य बनाया जाएगा, जिससे निवेशकों (कर्मचारियों सहित) पर कर का प्रभावी बोझ बढ़ सकता है।
5. Recalculation of insurance business profits
गैर-जीवन बीमा व्यवसाय के मुनाफे की गणना के नियमों को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव है, जिससे उन बीमा पॉलिसियों के लाभ प्रभावित हो सकते हैं जिनमें कर्मचारी निवेश करते हैं।

