शिवपुरी, 27 फरवरी 2026 : जब तक पॉलिटिक्स के केंद्र में महाराज रहेंगे, तब तक शिवपुरी का कुछ नहीं हो सकता। सालों पुराने सिस्टम ने न केवल शिवपुरी के इलेक्ट्रिक वायर्स में, बल्कि शिवपुरी के नेताओं में भी करंट कम कर दिया है। आज विधानसभा में शिवपुरी के बिजली संकट का मामला उठाया गया। देवेंद्र जैन शिवपुरी के विधायक हैं परंतु उन्होंने एक शब्द तक नहीं कहा। कहते भी कैसे, ऊर्जा मंत्री का नाम प्रद्युमन सिंह तोमर है, जो श्रीमंत महाराज साहब श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चरण सेवक हैं। श्री देवेंद्र जैन कैसे सवाल कर सकते हैं, जबकि वह खुद चरणों की धूल है। जनता गलतफहमी में हैं कि उसने देवेंद्र जैन को विधायक बनाया है।
Shivpuri Power Crisis Raised in Assembly, Devendra Jain Withholds Support
शिवपुरी जिले की खराब विद्युत व्यवस्था का प्रश्न भंवरी के विधायक श्री कैलाश कुशवाहा ने उठाया। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने विधानसभा में स्वीकार किया कि, लोग बाग जिसे विद्युत उपकेंद्र भेड़फार्म कहते हैं, वह 50 साल पहले स्थापित किया गया था। समय-समय पर इसका मेंटेनेंस करते रहते हैं। इस प्रकार विधानसभा में एक्सपोज हो गया था कि, शिवपुरी में जो इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम है वह 50 साल पुराना है, इसका मेंटेनेंस किया जाता है लेकिन उसको अब तक अपग्रेड नहीं किया गया है, जबकि शिवपुरी की आबादी 50 साल में 10 गुना बढ़ गई है। आप कितना भी बढ़िया मेंटेनेंस कर लीजिए, जब पावर की डिमांड बढ़ेगी तो, किसी न किसी क्षेत्र की बिजली कट करनी पड़ेगी। समस्या सामने आ गई थी। विभागीय मंत्री ने स्वीकार कर ली थी। आप केवल प्रेशर क्रिएट करके, यह आश्वासन प्राप्त करना था की समस्या का समाधान कब तक हो जाएगा। लेकिन शिवपुरी जिले के किसी भी विधायक ने इस मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं की।
पहरी विधायक श्री कैलाश कुशवाहा की अपनी क्षमताएं हैं। वह प्रद्युमन सिंह तोमर के सामने ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए और फिर विधानसभा अध्यक्ष को भी पता था कि, इन मुद्दों का डिसीजन विधानसभा में नहीं, जय विलास पैलेस में होगा। इसलिए उन्होंने चर्चा को निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ही अगले प्रश्न का आदेश दे दिया।

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