भोपाल, 27 फरवरी 2026 : विधानसभा में शिवपुरी के विधायक क्षेत्रीय समस्याओं के मुद्दे कुछ इस प्रकार उठाते हैं कि कहीं कोई नाराज ना हो जाए। वह चाहते हैं की जनता को बताने के लिए औपचारिकता पूरी हो जानी चाहिए। इस बार भी ऐसा ही हुआ। स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा तक, शिवपुरी के विधायकों ने कई समस्याओं को सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया लेकिन एक भी समस्या का निराकरण नहीं करवा पाए।
शिवपुरी के तहसीलदारों ने किसानों की जमीन को सरकारी घोषित कर दिया: विधायक
विधायक मेहर राम सिंह यादव ने शिवपुरी जिले की समस्त तहसीलों में कंप्यूटरीकरण के दौरान हुई गंभीर त्रुटियों का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंप्यूटरीकरण के दौरान हुई गलतियों के कारण कई किसानों की निजी भूमि को सरकारी भूमि (शासकीय) के रूप में दर्ज कर दिया गया है, जिससे किसान अपनी ही भूमि के स्वामित्व से वंचित हो रहे हैं।
हां, गड़बड़ी तो हो गई: राजस्व मंत्री
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्वीकार किया कि रिकाॅर्ड कंप्यूटरीकरण के समय त्रुटिवश निजी या पट्टे की भूमि को शासकीय दर्शाया गया था। उन्होंने बताया कि शिवपुरी, कोलारस और पिछोर अनुभागों में ऐसी त्रुटियों का सुधार 'राजस्व अभिलेख पखवाड़ा' अभियान के तहत किया जा रहा है।
शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में Cardiologist तक नहीं है
पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने शिवपुरी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद वहां हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) नहीं है। उन्होंने हाल ही में हुई दुखद घटनाओं का जिक्र किया, जिसमें एक दूल्हे की घोड़े पर बैठे-बैठे हार्ट अटैक से मौत हो गई और उनके मित्र राकेश सिंह व अन्य युवाओं की कम उम्र में जान चली गई।
पोहरी बैराड़ में महिला डॉक्टर नहीं है, नर्सें डिलीवरी करा रही हैं
विधायक ने बताया कि पोहरी और बैराड़ के स्वास्थ्य केंद्रों में महिला डॉक्टर नहीं हैं। वहां नर्सें डिलीवरी करा रही हैं, जिसके कारण कई प्रसूताओं और बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई जगहों पर पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारी ही मरीजों को टांके लगा रहे हैं।
झिरी और छर्च में डॉक्टर ही नहीं है
झिरी और छर्च जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। विधायक ने मांग की कि जिले में तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टरों, विशेषकर महिला चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए।
बात तो सही है लेकिन क्या करें: सरकार का जवाब
सरकार ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए भर्ती एक निरंतर प्रक्रिया है। सरकार के अनुसार, लोक सेवा आयोग (PSC) के माध्यम से विशेषज्ञों की और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है।
शिवपुरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में अपग्रेड करने की मांग पर सरकार ने कहा कि यह बजट की उपलब्धता और तकनीकी मानकों पर निर्भर करता है।
देवेंद्र जैन अपना मुद्दा सरकार को समझा ही नहीं पाए
विधायक देवेन्द्र कुमार जैन ने शिवपुरी स्थित शासकीय तात्या टोपे राज्य शारीरिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण महाविद्यालय का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस कॉलेज को खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया था? उन्होंने चिंता जताई कि पिछले 4 वर्षों से डी.पी.एड. (D.P.Ed.) पाठ्यक्रम में प्रवेश बंद कर दिया गया है, जिससे कॉलेज की बहुमूल्य अधोसंरचना और खेल मैदान बेकार हो रहे हैं और छात्रों को परेशानी हो रही है।
सरकार ने बताया कि कॉलेज को खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव वित्त विभाग की सहमति न मिलने के कारण लंबित है। हस्तांतरण प्रक्रिया पूर्ण होने तक डी.पी.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुमति के संबंध में फिलहाल कोई नया निर्णय नहीं लिया गया है।
अधिकारियों ने आदिवासियों की जमीन बेच दी
विधायक योगेन्द्र सिंह (बाबा) ने कोलारस तहसील के ग्राम सरजापुर (पटवारी हल्का 120) में काशीराम आदिवासी की भूमि से संबंधित धोखाधड़ी का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पट्टे की भूमि, जो बिक्री के लिए प्रतिबंधित थी, उसे नियमों के विरुद्ध जाकर बेचा गया और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से उसका नामांतरण किया जा रहा है।
Shivpuri Issues Raised in Assembly, But No Resolution Achieved
कुल मिलाकर शिवपुरी की कुछ समस्याओं को विधानसभा में उठाया तो गया लेकिन सरकार पर दबाव बनाने और समस्याओं का निराकरण करवाने की शक्ति शिवपुरी के विधायकों में नहीं थी। बस एक औपचारिकता पूरी हुई।

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