भोपाल समाचार, 27 फरवरी 2026 : आरकेडीएफ ग्रुप (आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी और आरकेडीएफ कॉलेज) के मालिक सुनील कपूर का मामला विधानसभा में उठाया गया। इस बात को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच में लंबी डिबेट हुई। दिग्विजय सिंह के समय से ही सरकार के कृपा पात्र रहे सुनील कपूर को वर्तमान भाजपा सरकार ने कई पीपीपी (PPP) मॉडल के मेडिकल कॉलेज आवंटित कर दिए हैं।
MLA Omkar Singh Markam Flags Sunil Kapoor Matter
विधानसभा में विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार की निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए: मरकाम ने सदन को बताया कि सुनील कपूर पर राजस्थान में फर्जी डिग्री बांटने का आपराधिक मामला दर्ज है। उन्होंने दावा किया कि 22 जनवरी को राजस्थान पुलिस ने सुनील कपूर को गिरफ्तार किया, जिसके कारण 23 तारीख को होने वाला कटनी मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन कार्यक्रम अचानक निरस्त करना पड़ा। म
सरकार ने सुनील कपूर के फायदे के लिए निवेद की शर्तें बदल दी: विपक्ष
रकाम ने आरोप लगाया कि सरकार ने निविदा में ऐसी शर्तें लगाईं जिससे सुनील कपूर को लाभ मिले और इसी के चलते उसे मध्य प्रदेश के चार जिलों (धार, बैतूल, कटनी और पन्ना) में मेडिकल कॉलेज खोलने का काम सौंप दिया गया। उन्होंने सरकार से पूछा कि ऐसे दागी व्यक्ति को इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स कैसे दे दिए गए और इसकी गहन जांच की जानी चाहिए।
सुनील कपूर के कारण धार, बैतूल, कटनी और पन्ना में चिकित्सा सुविधाओं का स्तर ऊंचा होगा: सरकार
सरकार और सत्ता पक्ष की ओर से विधायक मोहन सिंह राठौर ने इन आरोपों का खंडन करते हुए पक्ष रखा।राठौर ने तर्क दिया कि किसी को भी काम "बुलाकर" नहीं दिया गया है, बल्कि पूरी निविदा प्रक्रिया (Tender Process) के तहत ही आवंटन हुआ है। यह एक खुला मंच था जिसमें कोई भी शामिल हो सकता था। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल के माध्यम से इन जिलों में चिकित्सा सुविधाओं का स्तर ऊंचा होगा और विशेषज्ञों की कमी दूर होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति ने कोई गलती की है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही और जांच होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार निविदा के अनुबंधों और शर्तों का पालन सुनिश्चित कराती है।
कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग ठुकराई
सदन में यह बात विशेष रूप से उभरकर आई कि कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज के बजाय पीपीपी मॉडल पर कॉलेज देने का विरोध हो रहा था। मोहन सिंह राठौर ने इस पर कहा कि पीपीपी मॉडल को यह कहकर लौटा देना कि हमें केवल सरकारी कॉलेज चाहिए, तर्कसंगत नहीं है क्योंकि इससे क्षेत्र के निवासियों को ही बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
Sunil Kapoor RKDF Case Echoes in Assembly, Government Says ‘So What If He Is Tainted’
निष्कर्ष: विधानसभा में सुनील कपूर का मामला फर्जीवाड़े और सरकारी संरक्षण के आरोपों के इर्द-गिर्द घूमता रहा। जहाँ विपक्ष ने उन्हें "फर्जी डिग्री" कांड का आरोपी बताते हुए घेरा, वहीं सत्ता पक्ष न केवल उनका बचाव करता हुआ दिखाई दिया बल्कि उनके पीछे मजबूती के साथ खड़ा रहा।

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