भोपाल समाचार, 18 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 18 फरवरी, 2026 को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के कल्याण और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। शीर्षक में बस्ते से तात्पर्य शिक्षा से है। इन प्रमुख योजनाओं और उनके लिए आवंटित राशि का विवरण नीचे दिया गया है:
SCST को शिक्षा और छात्रवृत्ति के लिए 5500 करोड़
• पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति: कक्षा 11वीं, 12वीं और महाविद्यालयीन छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 4,230 करोड़ 82 लाख रुपये का अनुमोदन किया गया है।,
• प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति: कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना को 2030-31 तक निरंतर रखने हेतु 690 करोड़ 69 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।,
• अन्य शैक्षिक सुविधाएं: शैक्षणिक संस्थाओं, आश्रमों और छात्रावासों के लिए उत्कृष्टता पुरस्कार, साइकिलों का वितरण, मेधावी छात्रों को पुरस्कार और छात्र कल्याण जैसे कार्यों के लिए 519 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा उपकर से 7,912 ग्रामीण शालाओं के उन्नयन और संधारण का कार्य भी किया जाएगा।
SCST बस्तियों को डेवलप करने के लिए 583 करोड़
• बस्तियों का विकास: अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की बस्तियों के विकास के लिए 583 करोड़ 75 लाख रुपये का अनुमोदन किया गया है। इसके अलावा अन्य विभागीय योजनाओं के निर्देशन, प्रशासन और मूल्यांकन इकाइयों के निरंतर संचालन के लिए 53 करोड़ 97 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
SCST वर्ग के सांस्कृतिक और सामाजिक उत्थान के लिए 848 करोड़
• धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को वित्तीय वर्ष 2028-29 तक निरंतर संचालित करने के लिए 847 करोड़ 89 लाख रुपये का अनुमोदन किया गया है।
• जन नायक टंट्या भील के 1,161 मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। साथ ही, अनुसूचित जनजाति की संस्कृति के परिरक्षण, विकास और देवठान के लिए भी बजट आवंटित किया गया है।
• जनजातीय युवाओं के लिए नेतृत्व विकास और भारत दर्शन जैसे कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
विशिष्ट समूह और रोजगार
विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति समूह अभिकरण और कोल जनजाति विकास अभिकरण की योजनाओं के लिए 59 करोड़ 06 लाख रुपये का वित्तीय प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति के युवाओं को रोजगारमूलक आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना को भी विस्तार दिया गया है।
इन योजनाओं के माध्यम से सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक इन वर्गों के शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना है।

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