अमेरिका के रियल एस्टेट मार्केट में बड़ी गिरावट, जानिए भारत पर क्या असर पड़ेगा, new housing crisis

Updesh Awasthee
बिज़नस न्यूज़ डिपार्मेंट, 13 फरवरी 2026
: अमेरिकी रियल एस्टेट बाजार से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जिसे विशेषज्ञ अब 'नया आवास संकट' (new housing crisis) कह रहे हैं। US मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुख्य अंश हम यहां पर प्रकाशित कर रहे हैं ताकि भारत के लोग अपनी रणनीति बना सकें: 

USA रियल स्टेट में फरवरी 2022 के बाद सबसे बड़ी गिरावट

नेशनल एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स (NAR) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में पुराने घरों की बिक्री में 8.4% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट अनुमान से कहीं अधिक है और फरवरी 2022 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। वर्तमान में बिक्री की वार्षिक दर घटकर 3.91 मिलियन रह गई है, जो दिसंबर 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है। 

धंधा मंदा है लेकिन प्रॉपर्टी के दाम बढ़ रहे हैं

हैरानी की बात यह है कि बिक्री घटने के बावजूद घरों की कीमतों में कोई कमी नहीं आई है। जनवरी में बिकने वाले घर की औसत कीमत (Median Price) $396,800 रही, जो पिछले साल की तुलना में 0.9% अधिक है। यह जनवरी के महीने के लिए अब तक की सबसे उच्चतम दर्ज कीमत है। 

मार्केट की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ

• बिक्री में सबसे अधिक गिरावट दक्षिण (South) और पश्चिम (West) क्षेत्रों में देखी गई है।
• बाजार में अभी 1.22 मिलियन घर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जो मौजूदा गति से केवल 3.7 महीने की आपूर्ति के बराबर है। एक संतुलित बाजार के लिए 6 महीने की आपूर्ति आवश्यक मानी जाती है।
• 30-वर्षीय फिक्स्ड मॉर्टगेज दर फिलहाल 6.1% पर बनी हुई है।
• रिपोर्ट बताती है कि केवल $1 मिलियन से अधिक कीमत वाले घरों की बिक्री में ही बढ़त देखी गई है, जबकि $250,000 से कम कीमत वाले घरों की बिक्री में सबसे अधिक गिरावट आई है।

विशेषज्ञों की राय 
NAR के मुख्य अर्थशास्त्री लॉरेंस युन का कहना है कि हालांकि वेतन में वृद्धि और गिरती मॉर्टगेज दरों के कारण सामर्थ्य (Affordability) की स्थिति सुधर रही है, लेकिन आपूर्ति (Supply) की कमी अभी भी एक बड़ी बाधा है। उन्होंने चेतावनी दी कि "अमेरिकी नागरिक अब फंस गए हैं" क्योंकि घरों की आवाजाही (movement) नहीं हो रही है।

अन्य बाजारों पर असर
इस रिपोर्ट के आने के बाद निवेश के अन्य विकल्पों में हलचल देखी गई। हाउसिंग डेटा कमजोर होने के बाद स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) की कीमत $5,063 प्रति औंस तक पहुँच गई है। जहाँ एक तरफ पुराने घर मालिक जनवरी 2020 से अब तक औसतन $130,500 की संपत्ति (wealth) जमा कर चुके हैं, वहीं दूसरी ओर किराए पर रहने वाले लोग इस संपत्ति निर्माण से पूरी तरह बाहर हैं। 

अमेरिका के मार्केट का भारत पर असर 

अमेरिका के रियल एस्टेट मार्केट में इस परिवर्तन का भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भारत का बाजार अभी मजबूत घरेलू बुनियाद (urbanization, infrastructure, RBI rate cuts, end-user demand) पर चल रहा है। थोड़ा बहुत अप डाउन हो सकता है लेकिन यह कोई खास चिंता की बात नहीं है।
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