भोपाल, 25 फरवरी 2026 : मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राजधानी भोपाल से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय सदन के पटल पर रखे गए। सड़कों के बुनियादी ढांचे से लेकर गैस त्रासदी राहत और शहर की सुरक्षा व्यवस्था तक, सरकार और विपक्ष के बीच व्यापक चर्चा हुई।
भोपाल का इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़कों का जाल
सदन में भोपाल को अन्य शहरों से जोड़ने और शहर के भीतर यातायात सुगम बनाने के लिए कई बड़ी घोषणाओं और प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की गई:
• इंदौर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: सरकार ने बताया कि इस नए एक्सप्रेस-वे के बनने से इंदौर और भोपाल के बीच की दूरी महज 1.5 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
• रिंग रोड और प्रगति पथ: भोपाल शहर में रिंग रोड के निर्माण की कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है। इसके अलावा, भोपाल-सीधी एक्सप्रेस-वे और भोपाल-मंदसौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है।
• बैरागढ़ और कोलार का विकास: भोपाल के संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में रेलवे फाटक पर फ्लाईओावर बनकर तैयार है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने मांग की कि कोलार की 6-लेन सड़क को रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर 6 तक बढ़ाया जाए और वहां एलीवेटेड कॉरिडोर बनाया जाए।
• 90 डिग्री पुल विवाद: ऐशबाग क्षेत्र में बने पुल को लेकर विपक्ष ने इसे "90 डिग्री का अजूबा" बताते हुए सवाल उठाए। हालांकि, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि यह पुल 119 डिग्री का है, लेकिन डिजाइन और ढाल की कमियों के कारण संबंधितों पर कार्रवाई की गई है।
भोपाल मेट्रो और नवाचार
• डबल डेकर सड़क का सुझाव: भोपाल मेट्रो के काम को लेकर सदन में सुझाव दिया गया कि शहर की संकरी सड़कों को देखते हुए डबल डेकर व्यवस्था की जाए, जहां नीचे सड़क और ऊपर मेट्रो चले। सांची और रायसेन तक मेट्रो विस्तार का मुद्दा भी उठा।
• इंजीनियर ट्रेनिंग संस्थान: लोक निर्माण विभाग ने घोषणा की कि भोपाल में एक अत्याधुनिक इंजीनियर ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा, जो पूरे प्रदेश के इंजीनियरों को प्रशिक्षण देगा।
नागरिक सुविधाएं और सुरक्षा
• आवारा गौवंश की समस्या: राजधानी भोपाल की सड़कों पर आवारा पशुओं का मुद्दा गरमाया रहा। बताया गया कि भोपाल जिले में वर्ष 2025 में 6,064 आवारा मवेशियों को पकड़ा गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि राजधानी की मुख्य सड़कों पर भी पशुओं का जमावड़ा है। वहीं, भोपाल के पास IITians द्वारा संचालित 3 स्टार्टअप गौशालाएं शुरू होने की जानकारी भी दी गई।
• फायर सेफ्टी: भोपाल जैसे महानगरों में आगजनी रोकने के लिए 2 से 5 नए फायर स्टेशन बनाने की योजना है ताकि रिस्पांस टाइम 5-10 मिनट तक लाया जा सके।
• शाहपुरा पहाड़ी पर अतिक्रमण: भोपाल की शाहपुरा पहाड़ी (मोरवन) पर जंगल काटकर मैरिज गार्डन और सामुदायिक भवन बनाने की शिकायतों पर जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
• ट्रैफिक मैनेजमेंट: शहर के बावड़िया पुल, दानापानी चौराहा, रोहित नगर और गुलमोहर जैसे व्यस्त क्षेत्रों में नए ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लगाने की प्रक्रिया चल रही है।
प्रशासनिक और सामाजिक मुद्दे
• गैस त्रासदी राहत: सदन में भोपाल गैस त्रासदी राहत तथा पुनर्वास के लिए 175 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें प्रस्तुत की गईं।
• सहारा घोटाला: सहारा समूह के खिलाफ दर्ज 123 एफआईआर में से सरकार द्वारा केवल भोपाल की 4 एफआईआर का उल्लेख करने पर विपक्ष ने आपत्ति जताई और सभी निवेशकों का पैसा लौटाने की मांग की।
• BCLL का मुद्दा: भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) और मध्य प्रदेश माध्यम के बीच हुए पत्राचार और भुगतानों के संबंध में भी जानकारी साझा की गई।
MP Assembly Debates Major Issues from Bhopal Infrastructure to Civic Amenities
विधानसभा की इस कार्यवाही में सरकार की ओर से बताया गया कि भोपाल को न केवल प्रशासनिक केंद्र बल्कि एक आधुनिक 'स्मार्ट सिटी' के रूप में विकसित करने के लिए सरकार कई मोर्चों पर काम कर रही है, हालांकि बुनियादी समस्याओं और गुणवत्ता नियंत्रण पर अब भी सवाल कायम हैं।

