MBBS स्टूडेंट रोशनी के मोबाइल में रात डेढ़ बजे सुसाइड नोट किसने लिखा था, GMC BHOPAL का मामला

Updesh Awasthee
भोपाल, 17 फरवरी 2026
: गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट रोशनी कलेश की आत्महत्या या हत्या के मामले में पुलिस ने एक नया खुलासा किया है। बताया है की रोशनी के मोबाइल में रात 1:30 बजे सुसाइड नोट लिखा गया और खुद को ही व्हाट्सएप किया गया। अब पुलिस को यह भी पता लगाना है कि यह सुसाइड नोट किसने लिखा था। रोशनी आलीराजपुर की रहने वाली थी।

डीन को रोशनी के बारे में इतनी सारी जानकारी कैसी थी

गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन इस मामले को शुरू से ही सुसाइड बता रही है। वह किसी भी इन्वेस्टिगेशन और मेडिकल रिपोर्ट के आने के पहले यह दावा कर रही है कि रोशनी डिप्रेशन में थी और पढ़ाई के प्रेशर में सुसाइड कर लिया है। सोमवार को जब पुलिस ने रोशनी का मोबाइल डाटा रिकवर होने की सूचना दी और बताया कि एक सुसाइड नोट है तो उसके अंदर भी वहीं निकला जो डीन बता रही थी। सबसे बड़ा डाउटफुल पॉइंट यही है। रोशनी एक प्राइवेट हॉस्टल में रहती थी और डे स्कॉलर थी। उसका डीन के साथ कोई मिलना जुलना नहीं था। फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी और अभी हाल ही में भोपाल आई थी। फिर डीन को रोशनी के बारे में इतनी सारी जानकारी कैसे। 

अब तो पुलिस भी एक तरफ हो गई

2 दिन पहले तक पुलिस इस मामले को संदिग्ध मृत्यु का मामला मानकर चल रही थी परंतु अब वह भी एक तरफ हो गई है। मोबाइल फोन में मिले एक सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या का मामला मानने लगी है। जबकि यदि रोशनी की हत्या की गई होगी, तो हत्या करने वाला भी तो उसके मोबाइल फोन से सुसाइड नोट टाइप कर सकता है। यदि पुलिस मोबाइल फोन पर फिंगरप्रिंट का पता लगा सके तो शायद कुछ पता चले, लेकिन यदि पुलिस ने माइंडसेट बना लिया है तो फिर मौत की असली वजह का पता लगना मुश्किल हो जाएगा। 

यहां याद रखना होगा कि इस मामले में, रोशनी की मृत्यु हो जाने के बाद अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई हॉस्टल में क्या हुआ, यह पुलिस को नहीं पता। दरवाजा अंदर से बंद था या नहीं, पुलिस को नहीं पता। पुलिस के पास सिर्फ रोशनी के साथ रहने वाले स्टूडेंट और वार्डन के बयान है, जो खुद इस मामले में संदिग्ध है।

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