मध्य प्रदेश विधानसभा में आज क्या हुआ, आपके विधायक ने क्या किया, यहां पढ़िए

Updesh Awasthee
भोपाल, 19 फरवरी 2026
: मध्य प्रदेश विधानसभा में आज 19 फरवरी, 2026 को सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही के दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। यहां पर हम बता रहे हैं कि विधानसभा में विधायकों ने क्षेत्र के किन मुद्दों को उठाया। ताकि आपको पता चल सके कि आपके विधायक ने आज विधानसभा में क्या किया।

विधानसभा में आज इन क्षेत्रीय मुद्दों को उठाया गया

विधानसभा में आज मुख्य रूप से इंदौर के भागीरथपुरा का मामला उठाया गया लेकिन इसके अलावा सदन में काफी कुछ कामकाज हुआ। कई क्षेत्रीय मुद्दों को उठाया गया और सार्थक चर्चा हुई। 

श्योपुर जिले में सहरिया आदिवासियों पर वन विभाग का अत्याचार

1. श्योपुर जिले के 'बेचिराग' (जनशून्य) राजस्व ग्रामों में आदिवासियों को बसाने और उन्हें खेती का अधिकार देने का मामला विधायक मुकेश मल्होत्रा ने उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारी आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीनों पर खेती करने से रोक रहे हैं। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया कि ये ग्राम वर्तमान में वन भूमि के रूप में दर्ज हैं, इसलिए वहां आबादी नहीं बसाई जा सकती। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप करते हुए निर्देश दिया कि सहरिया आदिवासियों को परेशान न किया जाए और राजस्व ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। 

पन्ना जिले में वन व्यवस्थापन अधिकारी की नियुक्ति

2. पूर्व मंत्री और विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने पन्ना जिले में विकास कार्यों में बाधा बन रहे वन और राजस्व सीमा विवाद को सुलझाने के लिए अलग से 'वन व्यवस्थापन अधिकारी' नियुक्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विवादों के कारण मेडिकल कॉलेज और सड़कों जैसे प्रोजेक्ट्स रुक रहे हैं। अध्यक्ष महोदय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को निर्देशित किया कि इस पद पर तत्काल नियुक्ति की जाए।

मध्य प्रदेश में 1816 स्कूल भवन जर्जर हो गए

3. सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने जर्जर स्कूल भवनों और टपकती छतों का मुद्दा उठाया। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सदन को आश्वस्त किया कि विभाग ने पूरे प्रदेश में 1816 जर्जर भवनों को चिन्हित किया है। उन्होंने घोषणा की कि 2028-29 तक प्रदेश के किसी भी हाई स्कूल या हायर सेकेंडरी स्कूल में कमरों या भवनों की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि 100% बालिका शौचालयों की स्वीकृति दी जा चुकी है।

जबलपुर में नर्मदा जल की समस्या

4. ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से विधायक अजय विश्नोई ने जबलपुर जिले के नगरीय निकायों में नर्मदा जल योजना के अधूरे होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना पूरी हुए बिना ही ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया और निकायों पर बिजली का भारी बोझ पड़ रहा है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आश्वासन दिया कि यदि विधायक सहयोग करें तो एक महीने के भीतर पुराने नलकूप बंद कर हर घर तक नर्मदा जल पहुँचाना सुनिश्चित कर दिया जाएगा। 

सिंघाड़ा किसानों को मुआवजा मिल सकेगा

मैहर के विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी के प्रश्न पर सरकार ने बताया कि अब सिंघाड़े की फसल को भी RBC 6-4 के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है, जिससे प्राकृतिक आपदा पर मुआवजा मिल सकेगा। 

ग्वालियर के भीतरवार क्षेत्र में 17 नए उप-स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई का निर्माण अंतिम चरण में है।

अन्य प्रमुख घटनाक्रम:
• सदन में अनूपपुर जिले में वन भूमि पर फर्जी पट्टों की जांच का मामला भी उठा, जिस पर राजस्व मंत्री ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
• सीधी जिले के एक सेवानिवृत्त प्राचार्य के संविलियन (Deputation) में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई, जिसे मंत्री ने प्राथमिकता से सुलझाने की बात कही।

आज की कार्यवाही में कई महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिवेदन और रिपोर्ट भी पटल पर रखी गईं। सदन ने जनहित के इन विभिन्न विषयों पर गंभीरता दिखाई, हालांकि कुछ मुद्दों पर हंगामे के कारण कार्यवाही को बीच-बीच में स्थगित भी करना पड़ा।
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!