भोपाल समाचार, 17 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 की रिपोर्ट सामने आ चुकी है, और इसी के साथ कुछ बड़ी खबरें हेडलाइंस में दिखाई देने लगी है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का रिपोर्ट कार्ड होती है। साल भर में कितने इवेंट हुए और किसने क्या बयान दिया, इसका कोई महत्व नहीं होता। वैल्यू केवल इस रिपोर्ट पर छपे हुए नंबर्स की होती है। इस रिपोर्ट के अनुसार, राज्य ने न केवल आर्थिक मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है, बल्कि आम आदमी के जीवन स्तर में भी ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया है। यह सब कुछ तब हुआ है जब, अस्थिरता के कारण पूरी दुनिया का ग्राफ नीचे की तरफ गिर रहा है। आइए इस रिपोर्ट की मुख्य बातों को समझते हैं:-
Rapid Pace of Economic Development
मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने इस साल सबको चौंका दिया है। राज्य की GSDP अब ₹16.69 लाख करोड़ तक पहुँच गई है, जो 11.14% की शानदार वृद्धि है। यदि हम वास्तविक विकास दर (Real Growth Rate) की बात करें, तो यह 8.04% रही है। इसके कारण ही आप गर्व से बोल सकते हैं कि मध्य प्रदेश, देश का सबसे तेजी से आगे बढ़ता हुआ राज्य है।
Historical jump in per capita income
इस रिपोर्ट की सबसे बड़ी और सुखद खबर आम नागरिक की जेब से जुड़ी है। राज्य में प्रति व्यक्ति आय ₹38,497 से बढ़कर अब ₹1,69,050 हो गई है। यानी कि 339.13% की वृद्धि। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि मध्य प्रदेश के नागरिकों की आर्थिक स्थिति निरंतर मजबूत होती चली जा रही है। 2012 से अब तक महंगाई में 90% की वृद्धि हुई है जबकि प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ गई है। हालांकि अभी एक चुनौती भी है, भारत की राष्ट्रीय औसत प्रति व्यक्ति आय से मध्य प्रदेश अभी भी नीचे है। इसको राष्ट्रीय औसत से ऊपर लेकर जाना है।
Food Providers and Rural Prosperity
कृषि प्रधान राज्य होने के नाते, खेती के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने नए कीर्तिमान रचे हैं:
• खाद्यान्न उत्पादन में 14.68% की भारी बढ़ोतरी हुई है।
• फसल उत्पादन में 7.66% की वृद्धि दर्ज की गई है।
• पशुपालन के क्षेत्र में, राज्य ने 225.95 लाख टन दूध उत्पादन कर किसानों की आय में इजाफा किया है।
Investment, Industry and Services Sector
मध्य प्रदेश अब केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश का बड़ा केंद्र बन रहा है:
उद्योगों के लिए 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इससे करीब 1.7 लाख रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
Service Sector: व्यापार, होटल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में 15.80% की तेज़ ग्रोथ देखी गई है।
Tourism: मध्य प्रदेश पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है, जहाँ इस वर्ष रिकॉर्ड 13.18 करोड़ पर्यटक पहुँचे।
Social and Infrastructure (Health & Education)
सरकार ने बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है:
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मातृ मृत्यु दर (MMR) 379 से घटकर मात्र 142 रह गई है। साथ ही, 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी कर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए कुल बजट का 10.37% इस क्षेत्र पर खर्च किया जा रहा है। परिणामस्वरुप, कक्षा 1 से 5 तक का ड्रॉपआउट रेट अब शून्य हो गया है।
'स्वच्छ सर्वेक्षण 2024' में मध्य प्रदेश ने 8 राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं और PMAY-Urban के तहत 8.75 लाख घर पूरे किए जा चुके हैं।
Strong financial management
इतने बड़े विकास कार्यों के बावजूद, राज्य का वित्तीय स्वास्थ्य काफी मजबूत है। मध्य प्रदेश ने ₹618 करोड़ का रेवेन्यू सरप्लस (Revenue Surplus) बनाए रखा है और राज्य का कर्ज (Debt-GSDP) 31.3% के साथ पूरी तरह नियंत्रण में है।
कुल मिलाकर, यह आर्थिक सर्वेक्षण एक ऐसे मध्य प्रदेश की कहानी कहता है जो विकास के हर पैमाने पर आत्मनिर्भर और समृद्ध होने की ओर अग्रसर है। आर्थिक रफ़्तार से लेकर सामाजिक सुरक्षा तक, राज्य ने हर मोर्चे पर अपनी धाक जमाई है। अब वह दिन आने वाला है, जब अपना प्रदेश, एक विकसित मध्य प्रदेश होगा।

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