जबलपुर, 23 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश की संस्कारधानी में शिक्षा और संस्कार तो पहले से ही खत्म हो गए थे। अब संवैधानिक अधिकारों को भी खत्म किया जा रहा है। यहां लोग आजादी से शिकायत भी नहीं कर सकते। कर्मचारियों की खुलेआम दादागिरी चलती है। इस प्रसंग को पढ़िए आपको सब कुछ समझ में आ जाएगा:-
Jabalpur Municipal Corporation Staff Accused of High-Handedness
गोविंद वल्लभ पंत वार्ड के मंसूराबाग क्षेत्र में रविवार सुबह अजीब घटना हुई। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार नागरिक सुविधाओं का जायजा लेने इस क्षेत्र में पहुंचे थे। नागरिक लंबे समय से पेयजल आपूर्ति में समस्याओं को लेकर शिकायत कर रहे थे। सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायतें की गई हैं। निगमायुक्त को अपने बीच पाकर नागरिक समस्याएं गिनाने लगे। बताया कि दो पाइपलाइन होने के बावजूद भरपूर मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है। हर दिन एक समय गंदा पानी दोनों लाइनों से आता है।
निगमायुक्त ने नागरिकों से कहा कि जल आपूर्ति विभाग से शिकायत क्यों नहीं की। नागरिक बोले, कई बार शिकायत की, सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद निगमायुक्त ने जल आपूर्ति विभाग के संबंधित कर्मचारी को फोन लगाया। जिस स्थान पर वे मौजूद थे, वहां उसे बुलाने के लिए जगह की जानकारी देने हेतु एक बुजुर्ग को अपना मोबाइल थमा दिया।
बुजुर्ग पता बताते, इससे पहले ही कर्मचारी झल्ला उठा। धमकी भरे लहजे में कहा कि मेरी शिकायत क्यों की। बुजुर्ग ने जवाब दिया कि आपकी शिकायत नहीं की बल्कि निगमायुक्त के कहने पर आपको जगह का पता बता रहा था।
निगमायुक्त ने फोन वापस लिया और कर्मचारी को जमकर फटकार लगाई।

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