भोपाल, 26 फरवरी 2026 : एक बार फिर BhopalSamachar.com शोषित वर्ग की रक्षा वाली पत्रकारता में सफल रहा। लोक शिक्षण संचालनालय को अतिथि शिक्षकों के खिलाफ जारी किया गया तुगलकी फरमान वापस लेना पड़ा। यहां उल्लेख करना प्रासंगिक होगा कि, इस मामले को मध्य प्रदेश के किसी भी बड़े समाचार संस्थान (अखबार एवं टीवी चैनल) द्वारा नहीं उठाया गया था।
After bhopalsamachar.com Report, Government Withdraws Controversial Guest Teacher Order
मामला एक सप्ताह तक अनुपस्थित शिक्षकों की सेवा समाप्ति का है। अतिथि शिक्षकों पर डिपेंड शिक्षा व्यवस्था के संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 20 फरवरी 2026 को आदेश क्रमांक 467 जारी किया गया था। इसमें अपर संचालक द्वारा समस्त जिला शिक्षा अधिकारी, समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, समस्त संकुल प्राचार्य हाई/ हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं समस्त शाला प्रभारी शासकीय विद्यालय को आदेशित किया गया था कि यदि कोई अतिथि शिक्षक एक सप्ताह से अधिक समय तक अनुपस्थित होता है तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाए। यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं, भोपाल समाचार द्वारा इस "आदेश का पोस्टमार्टम" किया गया और बताया गया कि, इस आदेश के माध्यम से केवल ईमानदारी से काम करने वाले योग्य अतिथि शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा सकता है।
इसके बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना और अंततः स्कूल शिक्षा मंत्री को यह मानना पड़ा कि, यह आदेश केवल, अतिथि शिक्षकों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। आज लोक शिक्षण संचालनालय मध्य प्रदेश के संचालक केके द्विवेदी द्वारा आदेश क्रमांक 467 को निरस्त करने की सूचना जारी करनी पड़ी।

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