सेंट्रल न्यूज़ रूम, 19 फरवरी 2026 : मोटापा अब एक ग्लोबल प्रॉब्लम है और हर कोई इसका समाधान चाहता है। अमेरिका में GLP-1 श्रेणी की दवाओं ने चमत्कारी असर दिखाया है। लोगों का मोटापा कम हुआ है लेकिन विवाद बढ़ गया है क्योंकि, ज्यादातर नियोक्ताओं और बीमा कंपनियों ने इन दवाइयां को अपने इंश्योरेंस के तहत कवर करना बंद कर दिया है।
डेढ़ साल में 37 किलो वजन कम किया
आज की हमारी विशेष पड़ताल एक ऐसी चिकित्सा क्रांति पर आधारित है जिसने लाखों लोगों को नई उम्मीद दी, लेकिन अब सरकारी पक्ष की अनुपस्थिति और बीमा कंपनियों के कड़े रुख के कारण यह आम आदमी की पहुँच से दूर होती जा रही है। चिकित्सा जगत में GLP-1 श्रेणी की दवाओं (जैसे Wegovy और Zepbound) ने मोटापे और टाइप 2 मधुमेह के इलाज में एक नया अध्याय लिखा है। वर्मोंट की रहने वाली एलीस सेर्टा की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। सालों तक डाइटिंग और व्यायाम के बावजूद विफल रहने के बाद, Wegovy की मदद से उन्होंने डेढ़ साल में 81 पाउंड (लगभग 37 किलो) वजन कम किया।
एलीस के अनुसार, इस दवा ने न केवल उनकी भूख कम की, बल्कि भोजन के प्रति उनके जुनूनी विचारों को भी शांत कर दिया।
हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ने कवरेज खत्म कर दिया
लेकिन यह सफलता अब खतरे में है। वर्मोंट की सबसे बड़ी बीमा कंपनी Blue Cross Blue Shield और MVP Health Care सहित कई नियोक्ताओं ने केवल वजन घटाने के उद्देश्य से दी जाने वाली GLP-1 दवाओं का कवरेज बंद कर दिया है। बीमा कंपनियों का तर्क है कि इन दवाओं की लागत अत्यधिक है। प्रति मरीज लगभग $16,000 (करीब 13 लाख रुपये) सालाना। इसका परिणाम यह हुआ कि जो मरीज पहले मामूली को-पे (co-pay) देते थे, उन्हें अब हर महीने $900 से $1,200 तक का भुगतान करना पड़ रहा है। कई लोग, जैसे जेनिफर मार्टिन, जिन्हें अपनी नई नौकरी में कवरेज नहीं मिला, उन्हें दवा छोड़नी पड़ी और उनका वजन फिर से बढ़ने लगा है।
चिकित्सा विशेषज्ञों की चिंता: स्वास्थ्य असमानता का खतरा
डॉ. किम्बरली सैम्पसन-पेन जैसे विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे जैसी पुरानी बीमारी के इलाज को "सेल्फ-पे" (खुद भुगतान करने वाली) प्रणाली में धकेलने से समाज में स्वास्थ्य संबंधी असमानताएं बढ़ेंगी। उनके अनुसार, ये दवाएं उन लोगों के लिए जीवन रक्षक हैं जिनकी जीवविज्ञान उनके वजन घटाने के प्रयासों के खिलाफ काम करता है।
भविष्य की उम्मीदें: वजन घटाने से कहीं आगे
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं के अनुसार, GLP-1 दवाओं का महत्व केवल वजन घटाने तक सीमित नहीं है। नए शोध बताते हैं कि ये दवाएं:
• हृदय रोगों: दिल की विफलता (Heart Failure) के जोखिम को 40% तक कम कर सकती हैं।
• नशे की लत: शराब, तंबाकू और ओपिओइड की लत को छुड़ाने में भी ये दवाएं प्रभावी साबित हो सकती हैं।
• अन्य बीमारियाँ: लिवर की बीमारियों और स्लीप एपनिया के इलाज में भी इनके उपयोग की संभावना तलाशी जा रही है।
दवा कंपनियों का जवाब
बढ़ते दबाव को देखते हुए, Novo Nordisk और Eli Lilly जैसी कंपनियों ने कुछ रियायतें देने की कोशिश की है। उदाहरण के लिए, Wegovy का एक 'पिल' संस्करण और Zepbound के सस्ते 'वायल्स' (vials) बाजार में उतारे गए हैं, जिनकी कीमत लगभग $200 से $400 प्रति माह है। हालाँकि, यह अभी भी उन लोगों के लिए बहुत महंगा है जो पहले मात्र $30 या उससे कम देते थे।
तो दृश्य कुछ इस प्रकार का बन गया है कि, एक तरफ चिकित्सा विज्ञान नई ऊँचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी तरफ वित्तीय बाधाएं मरीजों को इन लाभों से वंचित कर रही हैं। क्या ये जीवन बदलने वाली दवाएं केवल अमीरों तक सीमित रह जाएंगी? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब सरकारों और बीमा कंपनियों को जल्द ही ढूंढना होगा। इस मामले में आपका क्या विचार है। कृपया इस न्यूज़ के साथ सोशल मीडिया पर अपने विचार शेयर कीजिए, क्योंकि मोटापा और दूसरी बीमारियां ग्लोबल प्रॉब्लम है और दुनिया के हर व्यक्ति को इसके बारे में बात करनी चाहिए।

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