भोपाल, 17 फरवरी 2026: आप व्यंग्य में कह सकते हैं कि भोपाल की पुलिस किसी तरह का पक्षपात नहीं करती। पुलिस थानों में यदि आम जनता की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता तो पुलिस वाले के परिवारों की भी सुनवाई नहीं होती। एक पुलिस कर्मचारियों की विधवा महिला को चेन स्नेचिंग का मामला दर्ज करवाने में 6 दिन लग गए।
राज स्वीट्स कोटरा के पास चेन स्नेचिंग हुई
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ईडब्ल्यूएस कोटरा सुल्तानाबाद निवासी 63 वर्षीय मोहिनी यादव, दिवंगत पुलिसकर्मी चंद्रशेखर यादव (पूर्व आरक्षक, रेडियो शाखा) की पत्नी हैं। 11 फरवरी की रात वह बेटी ज्योति के साथ कोटरा से नेहरू नगर चौराहा तक लगने वाले बाजार में सब्जी खरीदने गई थीं। राज स्वीट्स कोटरा के पास भीड़भाड़ के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके गले से 83 हजार रुपये कीमत की सोने की चेन चोरी कर ली। पीड़ित महिला उसी रात थाने पहुंचीं, आवेदन भी दिया, लेकिन पुलिस ने जांच के बाद एफआईआर का आश्वासन देकर लौटा दिया। दो बार चक्कर लगाने के बावजूद मामला दर्ज नहीं हुआ। अंततः परिचित वकील की दखल के बाद 16 फरवरी को एफआईआर दर्ज की गई।
थाना प्रभारी की दलील पढ़िए
थाना प्रभारी की दलील आपको थोड़ा और चौका सकती है। इंस्पेक्टर निरुपा पांडे का कहना है कि "पीड़िता ने घटना स्पष्ट नहीं बताई थी, जिस वजह से कार्रवाई में देरी हुई"। बड़ा सरल से सवाल है कि, चाइनीस मैचिंग की घटना को कोई ऐसी कौन से शब्दों में बता सकता है कि पुलिस वालों को पता भी ना चले और फिर पुलिस के कर्तव्यों की किताब में स्पष्ट लिखा है। यदि पीड़ित व्यक्ति घटना का विवरण प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है तो, उसके साथ घटनास्थल पर जाकर और पूछताछ करके, घटना की पूरी जानकारी इकट्ठा करें। यहां तो शिकायत करने वाली महिला एक पुलिस कर्मचारियों की पत्नी है। कम से कम स्टाफ का तो ध्यान रखना चाहिए था।

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