भोपाल, 16 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के 25 बिल्डर्स पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने नोटिस नाम की अड़ी डाल दी है। हाईकोर्ट के सख्त रवैया का फायदा उठाते हुए प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने प्रोजेक्ट बंद करवाने की धमकी दी है।
भोपाल के इन 25 बिल्डर को नोटिस दिया गया है
प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भोपाल के 25 बिल्डर को नोटिस दिया है और क्षेत्रीय अधिकारी एस.एन. द्विवेदी ने इसकी जानकारी न्यूज़ पेपर में भी छपवाई है। ताकि प्रेशर बना रहे। बिल्डर के नाम इस प्रकार है:-
यहाँ दी गई सूची को हिंदी और अंग्रेजी में व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है। मूल सूची के अनुसार ही क्रम रखा गया है, और कोई बदलाव नहीं किया गया है।
1. Bright Star Jatkhedi
2. Danish Hills View Kolar
3. Signature Residency Kolar
4. Sagar Life Style Tower
5. Palak Vihar Khajuri Kalan
6. Fortune Divine City
7. Fortune Saumya
8. Fortune Kasturi
9. Fortune Saumya Heritage
10. Fortune Signature
11. Rachna Towers
12. Fortune Saumya Tulip Greens
13. Fortune Saumya Atlantis
14. Sagar Lakeview Homes -2
15. Eco Green Park
16. Bhagwan Parisar Misrod
17. Prestine Builders Narela Shankari
18. Palace Orchard
19. Lake Pearl Spring Gondermau
20. C21 Mall Narmadapuram Road
21. Sagar Premium Tower
22. Essarji Adharshila Barkheda Pathani
23. Essarji Royal Hathaikheda
24. Ora Mall
25. Eden Garden
हिंदी सूची:
1. ब्राइट स्टार जाटखेड़ी
2. दानिश हिल्स व्यू कोलार
3. सिग्नेचर रेसीडेंसी कोलार
4. सागर लाइफ स्टाइल टॉवर
5. पलक विहार खजूरी कलां
6. फार्चून डिवाइन सिटी
7. फार्चून सौम्या
8. फार्चून कस्तूरी
9. फार्चून सौम्या हैरिटेज
10. फार्चून सिग्नेचर
11. रचना टॉवर्स
12. फार्चून सौम्या ट्यूलिप ग्रीन्स
13. फार्चून सौम्या एटलांटिस
14. सागर लेकव्यू होम्स -2
15. इको ग्रीन पार्क
16. भगवान परिसर मिसरोद
17. प्रेस्टाइन बिल्डर्स नरेला शंकरी
18. पैलेस आर्चर्ड
19. लेक पर्ल स्प्रिंग गोंदरमऊ
20. सी-21 मॉल नर्मदापुरम रोड
21. सागर प्रीमियम टॉवर
22. एस्सारजी आधारशिला बरखेड़ा पठानी
23. एस्सारजी रॉयल हथाईखेड़ा
24. ओरा मॉल
25. ईडन गार्डन
श्री द्विवेदी का कहना है कि, हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के निर्देश पर यह कार्रवाई हो रही है। पीसीबी के नियमों के अनुसार उद्योगों के साथ बिल्डर्स को भी प्रदूषण के नियमों का पालन करना होता है। सीवेज और कचरा प्रबंधन के इंतजाम के लिए कंसेंट टू एस्टेब्लिशमेंट और कंसेंट टू ऑपरेट दोनों लेने होते हैं।
मजेदार बात यह है कि भोपाल के सभी बिल्डर ने कंसेंट टू एस्टेब्लिशमेंट और कंसेंट टू ऑपरेट दोनों ले रखे हैं लेकिन फिर भी नोटिस जारी करके कहा गया है कि मंजूरी ली है, तीन दिन के भीतर उसका नवीनीकरण करवाइए। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई पर डाउट क्यों होता है, क्योंकि उन्होंने अपनी वेबसाइट पर इस बारे में कोई अपडेट नहीं दिया है। नोटिस बोर्ड पर हाई कोर्ट का वह निर्देश भी नहीं है, जिसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है। और मजे की बात, वेबसाइट में कोर्ट केस वाले पेज पर सबसे लेटेस्ट अपडेट 10 मार्च 2025 का है।
— Adhiraj Awasthi (@AdhirajOnline) February 16, 2026

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