भोपाल समाचार, 6 फरवरी 2026: लगभग 1 साल लंबी डिपार्मेंटल इंक्वारी के बाद सब इंस्पेक्टर गोकुल प्रसाद को सस्पेंड कर दिया गया है। मामला 2025 का है जब सब इंस्पेक्टर गूगल प्रसाद पिपलानी पुलिस थाने में पदस्थ थे। इसी विवाद के चलते SI Gokul Prasad को पिपलानी से बागसेवनिया थाना भेजा गया था।
लड़की ने आरोप लगाया था, बात बढ़ गई थी
इस टंटे की शुरुआत साल 2025 से हुई। जब एक नाबालिग लड़की, पिपलानी पुलिस थाने में अपने साथ हुए बलात्कार का मामला दर्ज करवाने के लिए आई। SI Gokul Prasad पिपलानी थाने के प्रभारी थे। बाद में लड़की ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसका मामला दर्ज नहीं किया। जबकि आरोपी को पुलिस थाने में बुलाया गया था। बात जब बढ़ गई तो श्री गोकुल प्रसाद को पिपलानी पुलिस थाने से बागसेवनिया पुलिस थाने ट्रांसफर कर दिया गया, और मामले की जांच के आदेश दिए गए।
ACP Aditi B Saxena की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई
गोविंदपुरा क्षेत्र की ACP Aditi B Saxena को इस मामले का इंक्वारी का काम दिया गया। उन्होंने डिपार्मेंटल इंक्वारी में पाया कि लड़की का आरोप सही था। उसका मामला दर्ज करने में देरी की गई। इस बीच आरोपी को पुलिस थाने बुलाया गया। यह सारी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई और मामले की सत्यता को सीनियर ऑफिसर से छुपाया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर भोपाल जोन 2 के DCP Vivek Singh ने कोई भी कार्रवाई करने से पहले, ACP Aditi B Saxena की डिपार्मेंटल इंक्वारी को वेरीफाई किया और यह भी कंफर्म किया गया कि मामले में जो कुछ भी था वह सब कुछ ACP Aditi B Saxena की रिपोर्ट में है। अब कोई रहस्य बाकी नहीं है।
डिपार्मेंटल इंक्वारी रिपोर्ट के आधार पर SI Gokul Prasad को सस्पेंड कर दिया गया है।

.webp)