भोपाल, 25 फरवरी 2026 : मध्य प्रदेश विधानसभा में 24 फरवरी 2026 को उस समय स्थिति बेहद रोचक और तनावपूर्ण हो गई, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों के लिए घोषित भारी-भरकम पैकेज को विपक्ष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे का 'खौफ' करार दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच फसलों के ज्ञान को लेकर ऐसी तीखी नोकझोंक हुई कि पूरे सदन में हंगामा मच गया।
Heated Exchange in Assembly Between Leader of Opposition and Chief Minister Over Rahul Gandhi
कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को अवगत कराया कि उनकी सरकार किसानों के लिए ₹10,493.60 करोड़ की पांच बड़ी योजनाओं को मंजूरी दे रही है। इसमें उड़द पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस और सरसों पर भावांतर योजना जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने इसे 'किसान कल्याण वर्ष' की एक बड़ी सौगात बताया।
उमंग सिंघार का तंज: "राहुल गांधी के दबाव में झुकी सरकार"
जैसे ही मुख्यमंत्री ने अपनी बात समाप्त की, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हमला कर दिया। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री जी ने किसानों के लिए जो सौगात दी है, उसके लिए मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ। लेकिन आज ही क्यों? क्योंकि राहुल गांधी जी आ रहे हैं, उनके दबाव के कारण तो यह आज सरकार ने प्रदेश के किसानों को ये सौगातें नहीं दे दीं? यही बात है। पहले दे सकती थी। आज ही का दिन क्यों चुना?"
सिंघार का सीधा आरोप था कि सरकार राहुल गांधी के दौरे से घबरा गई है और किसानों को लुभाने के लिए आनन-फानन में ये घोषणाएं की गई हैं।
मुख्यमंत्री का पलटवार: "राहुल गांधी से रबी-खरीफ का नाम पूछ लें"
सिंघार के वार पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद आक्रामक और कटाक्षपूर्ण शैली में जवाब दिया। उन्होंने राहुल गांधी की कृषि संबंधी समझ पर सवाल उठाते हुए कहा:
"नेता प्रतिपक्ष जी, राहुल जी के प्रति अपनी निष्ठा बता रहे हैं, अच्छी बात है। मैं विनम्रता के साथ इतना ही कहना चाहता हूँ कि राहुल गांधी जी आ रहे हैं, उनसे तीन प्रश्न पूछ लें। रबी और खरीफ में कौन-कौन सी फसल लगती है, केवल वह बता दें। दलहन में कौन-कौन सी दालें मध्य प्रदेश में होती हैं, यह बता दें। तिलहन में हमारे यहाँ क्या होता है, यह बता दें।"
विवादास्पद और आपत्तिजनक स्थितियाँ
जब मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी का नाम लेकर फसलों का सवाल पूछा, तो सदन में काफी शोर-शराबा हुआ। इसके बाद सिंघार ने भी पलटवार करते हुए 'यूएस डील' और कपास-सोयाबीन के गिरते भावों को लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पर सवाल दागे।
सदन में इस मुद्दे पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। जहाँ एक ओर सत्ता पक्ष इन घोषणाओं को अपनी किसान-हितैषी नीति बता रहा था, वहीं विपक्ष इसे राहुल गांधी के दौरे के प्रभाव के रूप में पेश करने में जुटा रहा। अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और कार्यवाही अगले विषय की ओर बढ़ी।

