टेक्नोलॉजी न्यूज़ डिपार्मेंट, 26 जनवरी 2026: साइबर क्राइम से रिलेटेड एक नया अपडेट आया है। ऐसे सभी इंटरनेट यूजर्स खतरे में है जो किसी ऐसी वेबसाइट पर विजिट करते हैं जिसके नाम में "m" अक्षर आता है। इस बार डिवाइस को हैक करने के लिए बेहद शातिर 'होमोग्लिफ तकनीक' (Homoglyph technology) का इस्तेमाल किया जा रहा है। Homoglyph technology क्या होती है यही नहीं जानते तो वह भी बताएंगे, न्यूज़ को अंत तक पढ़िए:-
सबसे पहले हैकर्स की चतुराई समझिए
हैकर्स ऐसी वेबसाइट्स की डुप्लीकेट कॉपी बना रहे हैं जिनके नाम में "m" अक्षर होता है। हैकर्स ऐसी वेबसाइट के url में m के स्थान पर rn अक्षरों का उपयोग करते हैं। हमारा दिमाग इस प्रकार की गलतियों को पकड़ता नहीं है बल्कि ऑटो करेक्ट कर देता है। यानी कि स्क्रीन पर rn दिखाई देता है लेकिन दिमाग में m छपता है और हम rn को m पढ़ लेते हैं। उदाहरण के लिए:-
microsoft के स्थान पर rnicrosoft के नाम से डुप्लीकेट वेबसाइट बनाई जाएगी और यदि कोई सतर्क व्यक्ति url पड़ेगा भी तो पहली नजर में उसको microsoft ही दिखाई देगा क्योंकि, microsoft देखने की उसकी आदत है। marriott के मामले में या हर उस url उसके मामले में यह खतरा है जिसके नाम में m है।
साइबर सिक्योरिटी फर्म Netcraft ने हाल ही में ऐसे कई संदिग्ध डोमेन की पहचान की है, जिनका उद्देश्य ग्राहकों के लॉयल्टी अकाउंट क्रेडेंशियल्स और व्यक्तिगत डेटा चोरी करना है। दूसरी सिक्योरिटी फर्म 'Anagram' के CEO हार्ले शुगरमैन ने चेतावनी दी है कि माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स को फर्जी सुरक्षा अलर्ट और इनवॉइस नोटिफिकेशन भेजे जा रहे हैं। इसमें rnicrosoft जैसे डोमेन का इस्तेमाल हो रहा है, जो हूबहू माइक्रोसॉफ्ट के लोगो और लेआउट की नकल करते हैं।
gmail की जगह पर grnail भी हो सकता है
इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि एंड्रॉयड यूजर्स के पास अचानक कोई नोटिफिकेशन आ जाए। उसमें gmail कि logo इत्यादि का इस्तेमाल किया जाए और बताया जाए कि अगले 15 मिनट में अपना पासवर्ड चेंज कीजिए नहीं तो आपके मोबाइल का पूरा डाटा नष्ट हो जाएगा। जल्दबाजी में लोग old पासवर्ड और new पासवर्ड डाल देंगे। बस इतना काफी है। एक तरफ आपको राहत मिलेगी कि आपके मोबाइल में डाटा सुरक्षित है और दूसरी तरफ आपका फोटो वीडियो और बैंक डिटेल्स कंप्रोमाइज हो चुके होंगे।
सबसे ज्यादा खतरे में कौन है
आप जो सोच रहे हैं वह बिल्कुल सही है। सबसे ज्यादा खतरे में मोबाइल फोन यूजर्स हैं और उनको ही टारगेट किया जा रहा है। क्योंकि मोबाइल फोन में सभी प्रकार की जानकारी होती है। बैंक से लेकर पर्सनल लाइफ तक सब कुछ मोबाइल फोन में होता है। मोबाइल फोन की स्क्रीन छोटी होती है। ऐसे में व्यक्ति m और rn के बीच में फर्क नहीं कर पता है।
बचने के लिए क्या करें
बचने के लिए क्या करना है आपको पता है। टेक्नोलॉजी से जुड़ी हुई हर न्यूज़ के साथ हर पत्रकार आपको यही बताता है। सावधान रहें, url चेक करें। किसी भी link पर क्लिक न करें। डिवाइस ऑपरेट करते समय किसी भी नोटिस को देखकर घबराना नहीं है। पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करें। MFA और passkeys आप की सिक्योरिटी को मजबूत करते हैं। प्रोक्ता में से कोई दो का उपयोग कर लेंगे तो भी काफी है।
Homoglyph Technology क्या है
Homoglyph Technology (या Homoglyph Attack/Technique) एक ऐसी तकनीक है जिसमें अलग-अलग भाषाओं या यूनिकोड (Unicode) कैरेक्टर्स के ऐसे अक्षरों का उपयोग किया जाता है जो देखने में बिल्कुल एक-जैसे या बहुत मिलते-जुलते लगते हैं, लेकिन तकनीकी रूप से अलग होते हैं। उदाहरण से समझते हैं:-
दिखने वाला अक्षर - वास्तविक अक्षर
a (English) - а (Russian/Cyrillic)
o (English) - ο (Greek)
e (English) - е (Cyrillic)
l (English L) - Ⅰ (Roman numeral one)
यूज़र को वेबसाइट या टेक्स्ट बिल्कुल सही दिखता है, लेकिन सिस्टम के लिए वह अलग कैरेक्टर होता है।
उदाहरण:
google.com
google.com (यहाँ "o" Cyrillic है)
यूज़र को लगता है कि वेबसाइट असली है, लेकिन वह नकली होती है।
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